मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सूबे में बिजली बिल भुगतान की प्री-पेड व्यवस्था लागू करने के पक्ष में हैं। उन्होंने इसे बेहतरीन व्यवस्था बताया है।
हालांकि उन्होंने कहा कि जैसे ही इस बारे में बात की जाती है, विरोध शुरू हो जाता है। नतीजतन प्री-पेड व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है।
सीएम ने साथ ही साथ ही कहा कि एमओयू साइन होने के बावजूद बिजलीघर न लगाने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने इलाहाबाद, ललितपुर और श्रीनगर के बिजलीघरों से जल्द बिजली मिलने की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव संगीत नाटक अकादमी में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।
यहां एक सवाल के जवाब में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि बिजली कंपनियों के साथ एमओयू रद्द करने का नियामक आयोग का फैसला बिल्कुल सही है।
उन्होंने कहा कि तयशुदा समय में बिजलीघर तैयार न करने वाली इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
सपा सरकार ने इन कंपनियों को दो साल का वक्त दिया, लेकिन उन्होंने इस समय का लाभ नहीं उठाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले कुछ बरसों में शहरों को 24 घंटे और देहात को 18 घंटे बिजली मिलने लगेगी।
इलाहाबाद, ललितपुर और श्रीनगर (उत्तराखंड) की बिजली इकाइयों में एक साल के भीतर उत्पादन होने लगेगा, जिससे प्रदेश को 330 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर बिजली देने के लिए ही उन्होंने विदेश से कोयला मंगाने से संबंधित प्रस्ताव विधानसभा में रखा।