बिजनौर से कानपुर तक पूरी यात्रा में काबीना मंत्री सुरेश राणा, बिजनौर के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और विजय कुमार कश्यप मौजूद रहेंगे। इसी तरह बलिया से प्रारंभ होकर कानपुर तक जाने वाली यात्रा में कृषि मत्री सूर्यप्रताप शाही, बलिया के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर और राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव मौजूद रहेंगे। 31 जनवरी को कानपुर में गंगा यात्रा के समापन समारोह में सीएम योगी के अलावा केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और भाजपा केप्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव खासतौर पर शामिल होंगे।
गंगा पूजन होगा, घंटे-घड़ियाल बजेंगे, पुष्प वर्षा से होगा स्वागत
महेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रथ्वी पर गंगा का कुल बहाव 2525 किमी है। इसमें 1140 किमी लंबा क्षेत्र उत्तर प्रदेश में है। गंगा के किनारे 1040 ग्राम पंचायत, 1656 राजस्व गांव और 21 नगरीय निकाय हैं। ये 87 विधानसभा क्षेत्रों, 26 लोकसभा क्षेत्रों व 27 जिलों में पड़ते हैं। बलिया से कानपुर तक 657 और बिजनौर से कानपुर तक 581 किमी की यात्रा सड़क मार्ग से होगी। 150 किमी यात्रा जल मार्ग से होगी। यात्रा का शुभारंभ गंगा पूजन व गंगा आरती से होगा। हर रोज गंगा पूजन से यात्रा शुरू होगी। इस दौरान घंटे, घड़ियाल व पुष्पवर्षा से यात्रा का स्वागत होगा।
फलीभूत होता है गंगा मैया का आशीर्वाद
डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि मां गंगा का आशीर्वाद सभी को फलीभूत होता है। मारीशस के प्रधानमंत्री कुंभ में स्नान करने आए थे। इसके बाद हुए चुनाव में वह दोबारा प्रधानमंत्री बन गए हैं। चुनाव से पहले भाजपा के नमामि गंगे अभियान केसंयोजक त्रिवेन्द्र सिंह रावत और सहसयोजक केशव प्रसाद मौर्य थे। दोनों अपने राज्यों में क्रमश: मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री बने।
26 विभाग तैयारी में लगे, तटवर्ती गांवों का होगा विकास
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि गंगा यात्रा की तैयारी में 26 विभाग लगे हुए हैं। जलशक्ति नोडल विभाग है। गंगा यात्रा में आस्था, अर्थ और अध्यात्म का संगम होगा। गंगा के तटवर्ती गांवों व नगरों का विकास किया जाएगा। उनमें जीरो बजट आधारित जैविक खेती कराई जाएगी। इसके लिए हर गांव से दो-दो लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गंगा मैदान व गंगा नर्सरी विकसित की जाएंगी। गंगा के तटवर्ती गांवों में गंगा चौपाल लगेंगी। इन सभी कामों से तटवर्ती गांवों का विकास होगा।