घंटाघर पर विरोध प्रदर्शन में हिन्दू महिलाओं ने भी शामिल होकर एकता व सौहार्द का संदेश दिया। महिलाओं ने संविधान की रक्षा व सौहार्द के लिए हवन किया। इसमें सुनीता रावत, लालजी देवी, सर्मिष्ठा, शिप्रा, शिल्पा, रेनू, रीतू रावत आदि शामिल हुईं।
नुक्कड़ नाटक कर बताया संविधान
प्रदर्शन के दौरान माकिंग वर्ड के कलाकार सचिन, शुभम तिवारी, शक्ति, विनय सहित अन्य लोगों ने नुक्कड़ नाटक कर महिलाओं को देश के संविधान में मिले अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। कलाकारों ने बीच-बीच में गीत गाकर महिलाओं का हौसला भी बढ़ाया।
सेवानिवृत्त जस्टिस भी पहुंचे समर्थन देने
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में चल रहे महिलाओं के प्रदर्शन को समर्थन देने शनिवार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस हैदर अब्बास रजा भी घंटाघर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं की बात को सुनना चाहिये।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने 150 मीटर बैनर पर कदमों के निशान बनाकर नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी का विरोध किया। श्रमयोगी आदियोग की अगुवाई में छात्राओं ने बैनर पर नो सीएए, बायकॉट एनआरसी लिख कर अपनी भावनाएं प्रदर्शित कीं।
गणतंत्र दिवस पर सुबह 11 बजे होगा झंडारोहण
घंटाघर पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं रविवार को सुबह 11 बजे झंडारोहण कर गणतंत्र दिवस मनाएंगी। शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना ने राजनैतिक दलों से अपील करते हुये कहा कि किसी भी सियासी दल का नेता प्रदर्शन में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि नेताओं के शामिल होने से महिलाओं का प्रदर्शन सियासी बन जाएगा।