विधान परिषद में मनोनयन के लिए तय नामों पर सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है। राज्यपाल राम नाईक ने जिन पांच नामों की मंजूरी रोकी है उनके बारे में राजभवन को वांछित सूचनाएं भेजते हुए इन्हीं नामों को मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है।
अब राजभवन इसका परीक्षण कर रहा है कि जिस कारण से राज्यपाल ने इनकी मंजूरी रोकी थी उस पर सरकार की क्या राय है। जिन तथ्यों के आधार पर पांच लोगों का मनोनयन रोका गया है उसका भी गहन परीक्षण कराकर देखा जाएगा कि राजभवन को जो सूचनाएं भेजी गई हैं वह भ्रामक तो नहीं है।
सूची में शामिल संजय सेठ के बारे में राजभवन ने आयकर विभाग से रिपोर्ट मांगी है।गौरतलब है कि विधान परिषद में मनोनयन के लिए सरकार की ओर से भेजी गई नौ नामों की सूची में से चार नामों पर राज्यपाल राम नाईक ने 2 जुलाई को अपनी मुहर लगा दी थी।
राज्यपाल ने नामित किए जाने वाले शेष पांच लोगों के बारे में मिली शिकायतों का पुलिंदा मुख्यमंत्री को भेजते हुए इनके बारे में फिर से रिपोर्ट तलब की थी।