फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षामित्रों से खुद मिलेंगे मुख्यमंत्री अखिलेश, निकालेंगे समाधान

Sun, 20 Sep 2015 10:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षक पदों पर समायोजन रद्द होने से भड़के शिक्षामित्रों का आक्रोश कम नहीं हो रहा है। यूपी भर में सरकार के खिलाफ शिक्षामित्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शिक्षामित्रों से मुलाकात करेंगे।
विज्ञापन


वहीं, शिक्षामित्रों ने रविवार को छुट्टी होने के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा। राजधानी के सभी ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) पर शिक्षामित्र धरने पर जमे रहे। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक सहायक अध्यापक पद पर उनका समायोजन वापस नहीं लिया जाता वे आंदोलन करते रहेंगे।

प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय मंत्री राघवेंद्र सिंह चौहान ने कहा, केंद्र सरकार यूपी के शिक्षामित्रों के साथ दोहरी नीति अपना रही है। दो साल के प्रशिक्षण के बाद उन्हें शिक्षामित्र बनाया गया है। अब इतने समय के बाद कहा जा रहा है कि उनका समायोजन सही नहीं है।
विज्ञापन


शिक्षामित्र इसका विरोध करेंगे। माल के साथ ही बीआरसी इटौंजा, गोसाईंगंज, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर आदि पर भी शिक्षामित्रों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। राजधानी में पहले चरण में 721 और दूसरे चरण में नगर क्षेत्र के 215 शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक पद पर समायोजन हो चुका है। पद खाली न होने के कारण 1218 शिक्षामित्र अभी तक समायोजित नहीं हो सके हैं।

महाराष्ट्र फॉर्मूले पर करेंगे विचार

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को शिक्षा मित्रों से मुलाकात करेंगे। इसी दौरान वह महाराष्ट्र फॉर्मूले पर मंथन करने के लिए वहां से शिक्षक एमएलसी कपिल पाटिल की अगुवाई में पहुंचे छह सदस्यीय दल से भी मुलाकात करेंगे।

मुख्यमंत्री इस दौरान शिक्षा मित्रों के समायोजन या विकल्प पर विचार-विमर्श करेंगे। उधर, शिक्षा मित्रों ने 28 सितंबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर आयोजित धरना स्थगित कर दिया है। संयुक्त मोर्चा ने कहा है कि इसी दिन जाट महासभा जंतर-मंतर पर धरना दे रहा है। इसके चलते इसे स्थगित किया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश पर समायोजन रद्द होने के बाद आंदोलित शिक्षा मित्रों से मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री ने सोमवार का समय दिया है।
विज्ञापन

उत्तराखंड व महाराष्ट्र में बिना टीईटी के हुआ समायोजन

बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी के नेतृत्व में शिक्षा मित्रों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने जाएगा। मुख्यमंत्री शिक्षा मित्रों से बातचीत के बाद उनके समायोजन के कानूनी लड़ाई या अन्य दूसरे विकल्पों पर निर्णय करेंगे।

शिक्षा मित्रों का कहना है कि उत्तराखंड व महाराष्ट्र में बिना टीईटी के ही शिक्षा मित्रों को समायोजित किया गया है। इसके बाद भी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों के समायोजन को अवैध ठहरा दिया है।

मुख्यमंत्री इसीलिए महाराष्ट्र से आए छह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात करेंगे और पूछेंगे किस फॉर्मूले के तहत वहां शिक्षा मित्रों का समायोजन किया गया है।

महाराष्ट्र से शिक्षक एमएलसी की अगुवाई में शिक्षा मित्रों के नेता नवनाथ गेन, रामनयन दुबे, माता चरण मिश्रा, सुभाष मोरे और संजय दुबे आए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें