1000 व 500 रुपये के नोट बंद करने के सवाल पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा पर चुटकी लेते हुए कहा कि सुना है, जबसे बड़े नोट बंद होने की घोषणा हुई है तबसे प्रत्याशियों को बुलाकर पैसे लौटाए जा रहे हैं। कुछ दलों में खलबली मची है। कहा, इस निर्णय से सभी लोगों के हाथों में साइकिल जरूर दिखेगी लेकिन अब कोई हाथी नहीं खरीद पाएगा।
राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में बुधवार को शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सिर्फ नोट बदलने से कालाधन और भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, बल्कि इसका कोई स्थायी समाधान होना चाहिए। इस तरह का निर्णय करते समय यह ख्याल रखना चाहिए था कि इससे ठेला, खोमचा, छोटे दुकानदार, गरीब और आमजन को कोई परेशानी तो नहीं होगी। इससे कोई बहुत फायदा नहीं होने वाला।
अलबत्ता कुछ समय के लिए लोगों का हिसाब-किताब जरूर बंद हो जाएगा। सीएम ने कहा, माहिर लोग कुछ दिनों बाद फिर से भ्रष्टाचार के खेल का रास्ता निकाल लेंगे। इसलिए स्थायी व्यवस्था करने की जरूरत है। जब तक जनता और सरकार मिलकर इस बारे में निर्णय नहीं करेगी, भ्रष्टाचार समाप्त नहीं किया जा सकता।
गठबंधन किया तो जीतेंगे 300 से ज्यादा सीटें
अखिलेश यादव व प्रशांत किशोर
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री अखिलेश का कहना है कि सपा ने अगर दूसरे दलों से गठबंधन किया तो विधानसभा चुनाव में हम 300 से अधिक सीटें जीत सकते हैं। उन्होंने कहा, वैसे तो सपा अकेले दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है लेकिन अगर गठबंधन हुआ तो सीटों की संख्या 300 से अधिक हो सकती है।
इस मुद्दे पर नेताजी (मुलायम सिंह) ही फैसला करेंगे। वह समान विचारधारा वाले लोगों से बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद है, नेताजी अपने अनुभवों के आधार पर कोई सही फैसला करेंगे।
गठबंधन पर सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, सपा अपने काम के बल पर अकेले ही सरकार बना सकती है, लेकिन बहुत से ऐसे नेता हैं जो कभी न कभी नेताजी केसाथ काम कर चुके हैं और वो चाहते हैं कि गठबंधन हो। इसलिए नेताजी उनसे बात कर रहे हैं।
'जिनका कोई जनाधार नहीं, उन दलों को होगा फायदा'
अखिलेश ने कहा कि गठबंधन बना तो इसका फायदा सपा के साथ उन दलों को भी होगा, जिनका अभी तक यूपी में कोई जनाधार नहीं है। कहा कि गठबंधन होने पर हम सब मिलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकते हैं।
कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से हुई मुलाकात से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने इतना ही कहा कि उनकी रणनीति को कौन नहीं जानता लेकिन निर्णय नेताजी को ही करना है। समान विचार वाले कई नेताओं से नेताजी की बातचीत चल रही है।
नोट बंद करने पर बसपा पर चुटकी
1000 व 500 रुपये के नोट बंद करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बसपा का नाम लिए बगैर चुटकी ली। बोले- सुना है, जबसे बड़े नोट बंद होने की घोषणा हुई है तबसे प्रत्याशियों को बुलाकर पैसे लौटाए जा रहे हैं। कुछ दलों में खलबली मची है। कहा, इस निर्णय से सभी लोगों के हाथों में साइकिल जरूर दिखेगी लेकिन अब कोई हाथी नहीं खरीद पाएगा।
स्मार्ट फोन के लिए 50 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन
कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा, सपा सरकार ने जितना काम उद्योगपतियों के लिए किया है, उतना किसी ने नहीं किया।
स्मार्ट फोन देने की घोषणा को जनता को सीधे सरकार से जोड़ने की पहल बताते हुए कहा कि अब तक प्रदेश के करीब 50 लाख लोग स्मार्ट फोन के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
इसके बदले अगर हम उनसे वोट मांगते हैं तो इसमें हर्ज ही क्या है। इस मौके पर सीएम ने प्रदेश में कराए गए विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कहा, यूपी में विकास की काफी संभावनाएं हैं।