मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महापौर संयुक्ता भाटिया व पार्षदों को नगर निगम की आर्थिक तंगी दूर करने व विकास कार्य में सरकारी मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही सरकारी भवनों पर बकाया डेढ़ करोड़ रुपये हाउस टैक्स दिलाने का भरोसा दिलाया है।
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रविवार की शाम महापौर व 50 से अधिक पार्षद सीएम से मिलने उनके सरकारी आवास पर गए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पहले महापौर व पार्षदों की बातें सुनीं फिर अपनी बात रखी। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास विभाग केअधिकारी और नगर आयुक्त भी मौजूद रहे।
महापौर और पार्षदों से बजट की कमी, 350 करोड़ रुपये की देनदारी, राज्य वित्त में हो रही कटौती, अधिकारियों कर्मचारियों की कमी, 74वां संविधान संशोधन लागू करने की मांग और नगर निगम की तंगी दूर करने को एकमुश्त गृहकर समाधान योजना लागू करने की मांग की। उन्हें सुनने के बाद सीएम ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
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सदन में शोरगुल न करें
सीएस योगी से मिलने गई महापौर
- फोटो : amar ujala
सीएम ने पार्षदों से कहा कि जनता का मालिक नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि बनकर कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन को शोरगुल का केंद्र नहीं बनने देना चाहिए। समय पर समस्याएं निपटाएं। उन्होंने कहा कि पार्षदों का काम है अफसरों के कामों की निगरानी करना, ताकि काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से हों।
ये पहुंचे सीएम आवास
सीएम से मिलने वालों में पार्षद रजनीश गुप्ता, मोहम्मद हलीम, मोहम्मद सलीम, शफीकुर्रहमान चचा, रमेश कपूर बाबा, विजय गुप्ता, भृगुनाथ शुक्ला, सुनीता सिंघल, पंकज यादव, सुशील कुमार तिवारी पम्मी, मिथलेश चौहान, कुमकुम राजपूत, रुपाली गुप्ता, गीता अवस्थी, कौशलेंद्र द्विवेदी, दिलीप श्रीवास्तव, शिवपाल सवारियां राघव राम तिवारी व राजेश मालवीय प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इन मुद्दों पर भी मिला आश्वासन
-कनेक्टिंग चैम्बर या सीवर पाइप डाले जाने के बाद सड़क बनाने का काम नगर निगम करे और इसके लिए उसे पैसा भी दिया जाए।
- अवस्थापना व 14वें वित्त से कार्यों की मंजूरी देनी वाली समिति का अध्यक्ष मंडलायुक्त की बजाए महापौर को होना चाहिए।
- वार्ड में बनने वाली कमेटियों का अध्यक्ष सांसद व विधायक की तरह पार्षद को ही उसके क्षेत्र में बनाया जाए
संयुक्ता भाटिया व नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे
- फोटो : amar ujala
मेयर ने रखीं ये मांगें
-नगर निगम पर 350 करोड़ की देनदारी है, उसे दूर करने में सरकार मदद करे
-राज्य वित्त से मिलने वाले बजट में की जा रही कटौती बंद की जाए
- सरकारी भवनों पर बकाया हाउस टैक्स दिलवाया जाए
- गृहकर में एकमुश्त समाधान योजना लागू कराई जाए
किसने क्या मांग रखी
गिरीश मिश्र : 74वां संविधान संशोधन लागू कराया जाए
विजय गुप्ता- जल निगम की मनमानी पर रोक लगाई जाए। कनेक्टिंग चैम्बर के बाद सड़क बनाने का काम नगर निगम को दिया जाए
नागेंद्र सिंह चौहान- पार्षदों को भई जनप्रतिनिधि का दर्जा दिया जाए, एलडीए को नगर निगम के अधीन किया जाए
रामकृष्ण यादव- नगर निगम में कर अधीक्षक, जोनल अधिकारी, बाबू, चपरासी, सफाई कर्मचारियों और इंजीनियरों की कमी पूरी की जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी की बातें सुनीं और आश्वासन दिया कि है उचित कार्यवाही की जाएगी। ओटीएस को लेकर अभी कुछ नहीं कहा है। वह इस पर विचार करके बताएंगे। उन्होंने कहा कि विकास के काम कराए जाएं, उसके लिए सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने सरकारी भवनों पर बकाया टैक्स दिलाने का भी भरोसा दिया है। - संयुक्ता भाटिया, महापौर