भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी एक्शन में आ गए हैं। भाजपा ने चुनाव में जिन चार कामों का खूब प्रचार किया, उन पर सरकार बनते ही अमल का वादा किया है।
इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इनमें किसानों की कर्जमाफी, यांत्रिक कत्लखानों पर रोक, एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन और 7 दिन में भूमाफिया से कब्जे छुड़वाने की बातें प्रमुख हैं। इन सभी के लिए संबंधित विभाग कार्ययोजना बना रहे हैं। पहली कैबिनेट बैठक में ही इनसे जुड़े फैसले होने हैं। इसी बीच लखनऊ में छेड़छाड़ रोकने के लिए कुछ जगहों पर एंटी रोमियो स्क्वायड तैनात भी कर दिया गया।
कार्ययोजना बनाने मे जुटे संबंधित विभाग पहली कैबिनेट बैठक को जनता का इंतजार
कर्जमाफी : खर्च करना होगा 60 हजार करोड़
भाजपा ने चुनाव के दौरान लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण पहली कैबिनेट बैठक में माफ करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी ने शपथ लेने के बाद इस वादे को पहली बैठक में ही निभाने की बात दोहराई है।
सूबे के किसानों पर करीब 92,121 करोड़ रुपये फसली ऋण बकाया है। इनमें लघु व सीमांत किसानों की संख्या 92 फीसदी है। प्रदेश में सितंबर-2016 तक बैंकों में 1,26,889.34 करोड़ रुपये कृषि ऋण बकाया था। इसमें 92,121.85 करोड़ रुपये फसली ऋण है।
यह रकम सभी श्रेणी के किसानों द्वारा लिए गए ऋण की है। बताया जाता है करीब 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लघु व सीमांत किसानों का फसली ऋण होगा। सरकार को इस भारी भरकम रकम का बंदोबस्त करना होगा।
‘भाजपा की प्रदेश इकाई ने लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। मैं खुद देखूंगा कि पहली कैबिनेट की बैठक में किसानों का यह वादा पूरा हो।’ - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री