मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेशवासियों की प्रतिबद्धता का सुफल है कि इस वर्ष 'वृक्षारोपण जन आन्दोलन' के प्रथम दिन 25 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य पूर्ण हो गया। आज दूसरे दिन अब तक ढाई करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इस पुनीत कार्य में सहभागी सभी लोगों को हार्दिक बधाई! इन पौधों की सुरक्षा करना भी हमारी ही जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि तमाम वनस्पतियों में औषधीय गुण होते हैं। जैसे आंवला तो पूर्णतः औषधि है, जामुन की गुठली तक उपयोगी होती है। अजवाइन उदर विकार के निदान में सहायक है। सभी में कुछ न कुछ गुण हैं। पौधारोपण करते समय ऐसी वनस्पतियों का रोपण किया जाना चाहिए। औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण, इनके उत्पाद से औषधि तैयार करने, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए ठोस प्रयास किया जाए। स्थानीय जनता को इससे जोड़ा जाए। आवश्यकतानुसार आयुर्वेदिक औषधि निर्माता संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा सकता है।
प्रदेश के बदले औद्योगिक माहौल को देखते हुए बड़ी संख्या में देश-दुनिया के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं। उद्योग जगत की जरूरतों के मुताबिक नई औद्योगिक नीति, नई इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल नीति और बेहतर वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक नीति तैयार की जाए। आवश्यकतानुसार संशोधित/नवीन नीतियों को तैयार करते समय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी परामर्श करना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि कोविड संक्रमण के कारण असमय काल-कवलित हुए कोरोना वॉरियर्स के परिजनों के लिए अनुमन्य राहत व सहायता सम्बंधी आवेदनों की जनपदवार समीक्षा की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जाए। जिस भी जनपद में आवेदन लंबित पाए जाएंगे, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। यह संवेदनशील विषय है। ऐसे प्रकरणों को मानवता के आधार पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।