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Lucknow News: लारी में मरीज की मौत के मामले में डॉक्टर को क्लीन चिट

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लखनऊ। केजीएमयू के हृदय रोग विभाग (लारी कार्डियोलॉजी) में 24 नवंबर की रात में हुई मौत के मामले में डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी गई है। मृतक के घरवालों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही व वेंटिलेटर न देने का आरोप लगाया था। केजीएमयू में बनी जांच समिति ने इसकी रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री को भेज दी है।



लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में रविवार 24 नवंबर की रात में दुबग्गा के छंदोईया निवासी अबरार अहमद लाए गए थे। घरवालों ने बताया कि वर्ष 2018 में अबरार की लारी में ही एंजियोप्लास्टी की गई थी। दोबारा हालत खराब होने पर उन्हें इमरजेंसी में लेकर गए थे। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर खाली न होने की बात कह लोहिया संस्थान या फिर पीजीआई जाने के लिए कहा।
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घरवालों ने डॉक्टरों से हाथ जोड़कर मिन्नतें की, लेकिन वे नहीं पसीजे। मायूस होकर वे मरीज को लेकर लोहिया संस्थान के लिए निकले पर रास्ते में ही मौत हो गई। इस मामले में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने केजीएमयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। केजीएमयू प्रशासन ने रिपोर्ट में मौके पर वेंटिलेटर उपलब्ध होने, प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने की बात कही है।
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अभद्रता पर खामोशी



मृतक के घरवालों ने बयान में डॉक्टर के द्वारा अभद्रता की बात कही थी। अबरार के बेटे सैफ के मुताबिक इमरजेंसी में उनके पिता को तीन-चार इंजेक्शन लगाने के बाद नाक व मुंह से खून आने लगा। इस पर उन्होंने व पिता ने भी डॉक्टरों से हाथ जोड़कर बचाने की मिन्नत की। इस पर डॉक्टरों ने कहा, ज्यादा शोर कर रहा है, इनके मरीज को नहीं देखा जाएगा। इसके बावजूद रिपोर्ट में इस पर ध्यान नहीं दिया गया है।
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