मंगलवार को डीएम ने पूर्व प्राथमिक विद्यालय महिपतमऊ, काकोरी का औचक निरीक्षण किया।
लखनऊ। राजधानी के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों के जर्जर भवनों में कक्षा संचालन पर जिलाधिकारी विशाख जी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जर्जर भवनों में कक्षाएं चलती पाई गईं तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से सभी विद्यालय भवनों की छतों और संरचना की सुरक्षा जांच रिपोर्ट तत्काल मांगी है। यह कदम छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
मंगलवार को डीएम ने पूर्व प्राथमिक विद्यालय महिपतमऊ, काकोरी का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्हें विद्यालय का भवन जर्जर होने के चलते अस्थाई शेड के नीचे बच्चों की पढ़ाई कराए जाने की सूचना मिली थी। उन्होंने तत्काल अस्थाई शेड की जगह दो नई कक्षाओं के निर्माण का निर्देश दिया। इसके लिए ‘क्रिटिकल गैप’ मद से धनराशि स्वीकृत करने की सहमति भी दी गई।
साथ ही उप जिलाधिकारी (सदर), अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) को जर्जर भवन का मूल्यांकन कर रिपोर्ट देने और भवन की नीलामी व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन स्थानों पर नए भवनों का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए।