चेतन चौहान ने कहा कि फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 42 दिन मिलता है, इसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है। उनकी कोशिश है कि कम से कम 62 दिन का प्रशिक्षण का समय होमगार्ड को दिया जाए। साथ ही हर तीन साल में अलग से प्रशिक्षण कराया जाए। चेतन चौहान ने कहा कि बीते एक साल में एक भी धरना प्रदर्शन होमगार्ड द्वारा नहीं किया गया है। उनकी जो भी शिकायतें हैं, उनको पोर्टल के जरिए मंगा कर उनका समाधान निकाला जा रहा है।
ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जवान को 15 लाख की मदद
चेतन चौहान ने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 15 होमगार्ड के जवान शहीद हुए। इन होमगार्ड को 15-15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसमें से चुनाव आयोग 10 लाख रुपये और होमगार्ड विभाग 5-5 लाख रुपये देगा। उन्होंने कहा कि विभाग में ऊपर से लेकर नीचे तक के कार्मिकों का ख्याल रखा जा रहा है। अरसे बाद डीआईजी और मंडलीय कमांडेंट के पदों पर प्रोन्नति की गई है। समीक्षा बैठक के दौरान डीजी होमगार्ड जीएल मीना और प्रमुख सचिव होमगार्ड अनिल कुमार समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।