बुजुर्ग कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी की विरासत को लेकर एक बार फिर जंग छिड़ती दिख रही है।
इस बार विवाद तिवारी के बेटे रोहित शेखर को लेकर नहीं बल्कि रोहित की मां डॉ. उज्ज्वला शर्मा और तिवारी के ओएसडी के भवानी भट्ट के बीच है।
मंगलवार को हजरतगंज में काफी हाउस के सामने डॉ. शर्मा और एनडी समर्थकों के बीच कहासुनी हुई, मामले ने तूल बुधवार को पकड़ी जब यह बात पुलिस तक पहुंची।
हालांकि, दोनों ही पक्षों ने लखनऊ पुलिस से शिकायत करने का दावा किया है लेकिन घरेलू मामला मानते हुए पुलिस ने फिलहाल कोई हस्तक्षेप नहीं किया है।
उज्ज्वला कांग्रेस के प्रचार के लिए आईं थीं लखनऊ
दिल्ली के दौलतराम कालेज से वरिष्ठ लेक्चरर पद से रिटायर हुईं डॉ. शर्मा ने कहा, मंगलवार शाम वह कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी के चुनाव अभियान में शामिल होने लखनऊ आई थीं।
चुनावी सरगर्मियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए वह शाम को काफी हाउस के बाहर समाचार पत्र खरीदने के लिए रुकी थीं।
तभी वहां उन्हें नारायण दत्त तिवारी का काफिला दिखा।
उन्होंने काफिले को रुकने का इशारा किया और खुद को पिछले दिनों तिवारी जी के आवास से ओएसडी भवानी भट्ट द्वारा बाहर निकाल देने पर तिवारी से सवाल किया।
ओएसडी ने किया विरोध
बकौल डॉ. उज्ज्वला, तिवारी के कहने पर वह उनकी कार में बैठ गईं लेकिन ओएसडी ने इसका विरोध किया।
इसके बाद भी तिवारी उन्हें अपने साथ ले जाना चाहते थे। उन्होंने कहा, एनडी तिवारी इतने सज्जन व शालीन व्यक्ति हैं कि वह किसी महिला से इस तरह की अभद्रता नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, इस बीच ओएसडी ने शिकायत कर वहां पुलिस बुला ली। जो पुलिसकर्मी वहां आए वे ओएसडी के जानने वाले थे और उन्हें कुछ दूर आगे जाकर कार से उतार दिया गया।
उज्ज्वला ने लगाए आरोप
डॉ. उज्ज्वला ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी व घर के कुछ अन्य लोगों द्वारा मिलीभगत कर संपत्ति व उन्हें मिलने वाली पेंशन के लालच में षड्यंत्र रचा जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि लगभग डेढ़ माह के दौरान जब वह तिवारी जी के साथ रहीं तब एनडी का स्वास्थ्य भी ठीक होने लगा था और वह मानसिक तौर पर पहले से कहीं बेहतर हो गए थे।
लेकिन ओएसडी व कुछ रिश्तेदार कुचक्र रच कर तिवारी को स्वस्थ नहीं होने देना चाहते।
इसी वजह से बगैर तिवारी जी की जानकारी में आए उनका सामान घर से बाहर कर दिया गया था। वह मजबूरी में घर छोड़ कर आई थीं।
यह भी कहा उज्ज्वला ने
उज्जवला ने आरोप लगाया कि तिवारी की जो पेंशन आदि आती है, उसमें से सिर्फ माह का राशन और चंद जरूरी सामान ही लाया जाता है।
तिवारी जी को घर में अकेले उपेक्षित छोड़ दिया जाता है। उन्हें जल्दी किसी से बात भी नहीं करने दिया जाता।
वह खुद भी कई बार फोन पर तिवारी से संपर्क करने की कोशिश करती रहीं पर ओएसडी ने बात नहीं होने दी।
इस महिला से कोई संबंध नहीं: एनडी
एनडी तिवारी के लेटरपैड पर बुधवार को जारी एक बयान में यह कहा गया है कि उनके व डॉ. उज्ज्वला शर्मा के काशीपुर में साथ-साथ वोट डाले जाने की जो खबर कुछ समाचार पत्रों में छपी है, वह भ्रामक है।
इसमें यह भी कहा गया है कि उनका इस महिला से कोई संबंध नहीं है। यह बात भी गलत है कि वह कांग्रेस से अपने या किसी अन्य के लिए टिकट न मिलने की वजह से नाराज हैं।
इस बयान पर डॉ. उज्ज्वला ने कहा कि यह भी ओएसडी व अन्य की साजिश है। तिवारी जी से लेटर पैड पर यह कहकर हस्ताक्षर करा लिए होंगे।
एनडी तिवारी के साथ रहना चाहती हूं
डॉ. उज्ज्वला ने एनडी तिवारी को अपने बेटे रोहित शेखर का पिता बताते हुए कहा कि वह इसी अधिकार से तिवारी के साथ रहना चाहती हैं।
उन्हें तिवारी जी की संपत्ति या धन का लोभ नहीं है। वह चाहती हैं कि तिवारी जी को इस अवस्था में अधिक से अधिक आराम दिया जा सके।
उधर, ओएसडी ने आरोप लगाया कि डॉ. उज्ज्वला ने काफी हाउस के सामने मंगलवार शाम हंगामा किया।
दोनों पक्षों ने की शिकायत
ओएसडी ने उनसे जब अभद्रता करने की कोशिश की तो इसकी भी शिकायत की।
डॉ. उज्ज्वला ने कहा, मैंने रात में ही एसएसपी प्रवीण कुमार से बात कर लिखित शिकायत दी थी।
उधर बुधवार को ही एनडी तिवारी उत्तराखंड रवाना हो गए। उन्होंने मंगलवार की घटना पर कुछ नहीं कहा।
उनके ओएसडी भवानी भट्ट ने कहा कि उज्ज्वला ने जान का खतरा है और उन्होंने इसकी शिकायत हजरतगंज व गौतम पल्ली थाना प्रभारियों के साथ ही एसएसपी प्रवीण कुमार से की है।