राजधानी लखनऊ में शहर से लेकर गांव तक की आंधी और बूंदाबांदी ने बिजली गुल कर दी। ग्रामीण क्षेत्र में लाइनों पर पेड़ गिरने के कारण लोगों को ज्यादा देर तक कटौती झेलनी पड़ी। शहर में यह संकट आधे से लेकर एक घंटे तक रहा। रविवार दोपहर में निगोंहा उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फाल्ट आने के कारण 50 हजार आबादी को पांच घंटे तक बिजली संकट झेलना पड़ा।
अवर अभियंता विजय शर्मा ने बताया कि तेज आंधी व बारिश के चलते बछरांवा के 220 केवी सब स्टेशन से निगोहां की 33 केवी लाइन बंद की गई थी। आंधी थमने के बाद आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की गई, लेकिन फीडर में ब्रेकडाउन आ गया। अमावां गांव के पास 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से दो पोलों के तार टूटे गए। मरम्मत के बाद शाम करीब 6 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
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इसी प्रकार दोपहर एक बजे पूरनपुर उपकेंद्र के दहियर फीडर की ट्राली तकनीकी खामी के चलते फंस गई इससे दहियर, टिकरनखेड़ा, गंगाखेड़ा, समेत छह गांव के 5000 लोगों की बिजली देर रात चालू हो सकी। चौपटिया में सराय मालीखां फीडर की एक घंटे बिजली बंद रही। यहां पर एबीसी में आग लगने के कारण संकट उत्पन्न हुआ था।
आंधी के कारण गोमतीनगर के विकास, विपुलखंड, विशालखंड, दयाल पैराडाइज, चिनहट के विमलनगर, संतपुरम, कल्याणी विहार, वासुदेवनगर, आदर्श नगर व नंदू सिटी, शिवपुरी की बिजली को बंद किया गया था। साथ ही, इंजीनियरिंग कॉलेज उपकेंद्र के शिवविहार में पोल टूटने से बिजली ठप हुई।