नया सर्किल रेट लागू होने के बाद शहरी क्षेत्र से सटे गांवों में कच्चा मकान बनवाना भी महंगा हो जाएगा। इन क्षेत्रों में छप्पर, खपरैल वाले या कच्चे मकानों की निर्माण दर में तीन से पांच फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही, पार्क के समीप और एक से अधिक संपर्क मार्गों वाले गैर कृषि जमीन के सर्किल रेट में भी पांच से दस फीसदी वृद्धि होगी।
अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण दर में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा। अलबत्ता खेती वाली जमीनों पर बोरवेल, कुआं या हैंडपंप को अतिरिक्त संपत्ति मानते हुए जमीन की खरीद-फरोख्त को स्टांप शुल्क के दायरे में रखा जाएगा।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में भी गैर कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त में स्टाम्प शुल्क की दर को तीन से पांच फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
मुख्य मार्ग से सटी कृषि भूमि पर 30 फीसदी अतिरिक्त भार लगाने की तैयारी है। ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि यदि आबादी से सटे गाटा संख्या से 50 मीटर दूर, लेकिन आबादी क्षेत्र की दो सौ मीटर की परिधि में होगी तो सर्किल रेट की प्रचलित दर में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी कर तय होने वाले मूल्यांकन पर स्टांप ड्यूटी खरीददार को देनी होगी।