संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर प्रतिबंध के लिए करणी सेना के लोग खून से चिट्ठियां लिखेंगे। फिर इन्हें हर जिले के जिलाधिकारियों व थिएटर मालिकों को भेजा जाएगा। करणी सेना ने इसके लिए विश्व हिन्दू परिषद, हिन्दू युवा वाहिनी, हिन्दू महासभा सहित तमाम संगठनों से सहयोग मांगा है, ताकि कोई फिल्म निर्माता देश के इतिहास से खिलवाड़ न कर सके और उसे तोड़मरोड़ कर पेश न कर सके।
लखनऊ में गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी देते हुए श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि वह राजा रतन सिंह व रानी पद्मिनी यानी पद्मावती की 37वीं पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं। राजपूत हमेशा आन, बान और शान के लिए लड़े हैं। रानी पद्मिनी ने भी इसी शान की रक्षा के लिए 16 हजार औरतों के साथ जौहर किया था। लेकिन जो हर रोज शौहर बदलते हों, वह जौहर को क्या समझेंगे। इसलिए अगर, विवादित दृश्यों के साथ फिल्म रिलीज हुई तो जौहर की आग में सब जलकर राख हो जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि भंसाली ने इतिहास से छेड़छाड़ की है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पद्मावती के अस्तित्व पर सवाल उठाया जाना भी कायरता की निशानी है। इसलिए इसके विरोध में यूपी के संगठनों से सहयोग मांगने आए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा के मुद्दे पर पत्र लिखकर हमारा समर्थन किया है और हम उनसे मुलाकात के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे ही केंद्र में मोदी सरकार से भी हम मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं। लोकेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि पहली तारीख को भारत बंद का आह्वान किया गया है और थिएटर मालिकों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि फिल्म न चलाएं।