इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों के लिए मशहूर नाका में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली मोबाइल बेचे जा रहे हैं। ऊपर से देखने पर यह बिल्कुल ब्रांडेड मोबाइल की तरह ही दिखते हैं।
खरीददार डिब्बे एवं स्टीकर के झांसे में आकर ब्रांडेड के नाम पर उसे खरीद लेता है जो असल में चायनीज मोबाइल होता है।
मंगलवार को दोपहर 1:30 बजे इस गोरखधंधे का नाका पुलिस और एक मोबाइल कंपनी के अधिकारियों के संयुक्त छापे में खुलासा हुआ।
कंपनी के अधिकारियों ने अंबर मार्केट एवं मोबाइल मार्केट की पांच दुकानों में नुमाइश के तौर पर सजे ऐसे नकली मोबाइल को कब्जे में लेकर पुलिस को सौंपे। यह नकली मोबाइल ब्रांडेड कंपनी के डिब्बे में थे।
ऐसे नकली मोबाइल चायनीज होते हैं जिन पर ब्रांडेड कंपनी का स्टीकर चस्पा पाया गया। टीम की इस कार्रवाई के बाद भी पुलिस ने नकली मोबाइल के स्टॉक को बरामद करने की कोई कोशिश नहीं की।
जानकार बताते हैं कि पुलिस ने जानबूझकर नकली मोबाइल बेचने वालों के गोदाम पर छापामारी नहीं की। पुलिस ने नकली मोबाइल को कब्जे में लेकर कारोबारियों को हिरासत में लिया, जिससे अन्य व्यापारी भड़क गए।
नाका कोतवाल ने बताया कि मोबाइल कंपनी की टीम दिल्ली से आई थी जिसने नकली मोबाइल बेचने के गोरखधंधे की शिकायत की। इस पर पांच व्यापारियों की दुकानों से 15 नकली मोबाइल बरामद किए गए।
नाका में नकली मोबाइल बेचने वाले व्यापारी नेता हैं या फिर उनके व्यापारी प्रतिनिधियों से ताल्लुक हैं जिसके कारण पुलिस ने नकली मोबाइल की जांच ढीली कर दी।
नियोजित तरीके धंधेबाजों को पुलिस ने हिरासत में लिया तो बाजार की दुकान बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। व्यापारियों ने कंपनी के अधिकारियों एवं कोतवाली का घेराव किया।
बवाल बढ़ता उससे पहले पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद कारोबारियों को रिहा किया इसके बाद ही घेराव खत्म कराया जा सका।