बुजुर्ग माता-पिता को परेशान करने वालों की अब खैर नहीं। प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की ‘माता-पिता, वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण योजना’ के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में सुलह अधिकारियों का एक पैनल गठित करके 20 जून तक शासन को रिपोर्ट भेजने का आदेश समाज कल्याण विभाग को दिया है।
यह पैनल उपेक्षित माता पिता की तरफ से मिली शिकायत पर पहले उनके बीच सुलह कराने की कोशिश करेगा और यदि बच्चे इसके लिए राजी नहीं होते हैं, तो उन पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही तीन महीने की जेल भी हो सकती है।