रायबरेली। जिले में ठंड बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। यही कारण है कि जिला अस्पताल में मंगलवार को बाल रोग विभाग में भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा मेडिसिन विभाग में भी भीड़ रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में 1900 से अधिक मरीज चिकित्सीय सलाह लेने के लिए पहुंचे। जुकाम-बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही। उधर, डायरिया और बुखार के 13 मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
मंगलवार को जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के पास सौ से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया के मरीजों की संख्या अधिक रही। तीन बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। मेडिसिन विभाग के बाहर भी चिकित्सीय सलाह लेने के लिए मरीजों की भीड़ रही। यहां चार सौ से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। दवा काउंटर पर दोपहर दो बजे के बाद भी लाइन दिखी।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण बच्चे सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत है। उधर, सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल बताया कि जिला अस्पताल में इलाज और जांच के पर्याप्त बंदोबस्त हैं। वार्डों में मरीजों को ठंड से बचाने के बंदोबस्त भी किए गए हैं।
बच्चों का रखें ध्यान
सुबह-शाम नंगे पैर न घूमने दें।
हवा और कोहरे से बच्चों का बचाव करें।
गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
सर्दी जुकाम होने पर तुरंत डॉक्टर से उपचार दिलाएं।
तीन दिन से अधिक खांसी जुकाम है तो जांच कराएं।