सवाल : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की ओर से प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग सेंटर से प्रदेश को क्या लाभ होगा?
जवाब : दुनिया में इंडस्ट्री-4 विजन के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), कम्प्युटर प्रोग्रामिंग, रोबोट और मशीनों के मिले-जुले प्रयोग से एमएसएमई सेक्टर को आगे बढ़ाने की योजना पर बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। यूपी में इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर की स्थापना की योजना बनाई गई है। इस सेंटर के माध्यम से एमएसएमई उद्यमियों को तकनीकी सलाह और सहायता मिलेगी, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। जल्द ही हम इस सेंटर को यूपी में मूर्त रूप लेते हुए देखेंगे। इसके लिए विशेषज्ञों के साथ एक वर्कशॉप भी राजधानी लखनऊ में हो चुकी है।
सवाल : प्रदेश के आर्थिक विकास में किन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं?
जवाब : उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन मुहैया कराना एक चुनौती है, जिसे हम दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। अन्य प्रदेशों के मुकाबले अपने उत्पादन के लागत को कम करने की चुनौती लगातार बनी रहती है, क्योंकि हमारी वृद्धि दर काफी हद तक इस पर भी निर्भर करती है। यही वजह है कि प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क समेत कई महत्वपूर्ण नीतियां हम लाए हैं।
सवाल : हम प्रदेश में कितना निवेश लाने में सफल रहे?
जवाब : वैश्विक निवेशक सम्मेलन के जरिये हमारे पास 36 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। इनमें से 10 लाख करोड़ की परियोजनाओं के लिए जमीन ले ली गई है। इनमें से तमाम ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। हमारे पास देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे हैं। जेवर समेत पांच अंतर्राष्ट्रीय। ईस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर का 51 प्रतिशत हिस्सा यूपी में है। वाराणसी से हल्दिया जल मार्ग है। इसलिए भविष्य में हम और भी अधिक निवेश लाने में सफल होंगे।
सवाल : फाइलों में नौकरशाही अड़ंगा लगाती है, यह धारणा बदलने के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब : एक ही जवाब है :तकनीक। हम निवेश सारथी पोर्टल के जरिये सभी तरह के आवेदन ऑनलाइन ले रहे हैं। ऑनलाइन फाइल कहीं रुकती है तो जवाबदेही भी तय की जाती है। मैनुअल फाइलें अब यूपी में अतीत की बात हो गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया में फाइल जिसके पास लेट होगी, उसे उसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा। सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं कि पूरी पारदर्शिता के साथ हर आवेदन का निपटारा हो। माहौल निवेश फ्रेंडली रहे। इसका पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जा रहा है।