मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी
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मुख्य सचिव आरके तिवारी ने गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान घाट की घटना के बाद 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित कराने संबंधी दिशा-निर्देश मंगलवार को जारी कर दिया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल सितंबर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों को ये निर्देश दिए थे। इसके बावजूद श्मशान घाट की घटना सामने आ गई। मुख्यमंत्री ने इस घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद ही मुख्य सचिव ने सीएम का हवाला देते हुए सभी जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों को नए सिरे से पत्र जारी किया है।
इस तरह होगी कार्यवाही
- मंडलायुक्त हर सप्ताह अपने मंडल के किसी एक जिले के चिह्नित कार्यों और जिलाधिकारी अपने जिले की परियोजनाओं का पाक्षिक निरीक्षण करेंगे।
- 50 लाख से अधिक लागत की परियोजनाओं की संख्या अधिक होने होने पर अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी स्थलीय निरीक्षण की जिम्मेदारी दी जा सकती है। ये
अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त व डीएम को देंगे।
- निरीक्षण के समय परियोजना की गुणवत्ता, लक्ष्य पूरा करने के लिए बनाई गई समयसारिणी के अनुसार प्रगति देखी जाएगी। इसमें कमी मिलने पर संबंधित अधिकारी का
उत्तरदायित्व तय कर कार्यवाही की जाएगी।
- यदि किसी परियोजना को तय समय पर पूरा करने में धनराशि की कमी है तो संबंधित प्रशासकीय विभाग से समन्वय कर धनराशि जारी करना सुनिश्चित कराएंगे।