मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने प्रभारी मंत्रियों से सभी सीटों के सामाजिक और सियासी समीकरणों पर भी बात की। वहां कराए गए कामों की जानकारी लेने के साथ सरकार के बारे में भी फीडबैक लेने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सभी को दो-तीन दिनों में उपचुनाव वाली सीटों और संबंधित जिलों का दौरा कर वहां की ताजा जमीनी स्थिति का आकलन करने को कहा। यह भी कहा कि लोगों से बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझकर सूची तैयार कर लें। जो काम स्थानीय स्तर पर हो सकते हैं, कराएं। यदि वहां से नहीं हो सकते हैं तो मुख्यमंत्री कार्यालय में जानकारी दें।
मंत्रियों से बिजली, पानी के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विशेष ध्यान देने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के मद्देनजर इस बात पर खास ध्यान रहे कि लोगों को इलाज में कोई कठिनाई तो नहीं है। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने स्थानीय प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने पर जोर दिया। कहा कि कहीं यदि कार्यकर्ताओं में प्रशासन को लेकर नाराजगी है तो उसे भी समझकर दूर कराएं।
कानपुर की घाटमपुर सीट की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ राज्यमंत्री नीलिमा कटियार, टूंडला में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, रामपुर की स्वार सीट पर कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यमंत्री महेश गुप्त, देवरिया सदर में कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सतीश द्विवेदी, उन्नाव की बांगरमऊ सीट पर कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और राज्यमंत्री सुरेश पासी, जौनपुर की मल्हनी सीट पर मंत्री अनिल राजभर, बुलंदशहर सीट पर राज्यमंत्री अशोक कटारिया, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और अमरोहा की नौगांव सादात पर मंत्री विजय कश्यप को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन सभी मंत्रियों के साथ संगठन का भी एक-एक सदस्य लगाया गया है।