मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश आने वाले सभी कामगारों व श्रमिकों की स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें आवश्यकतानुसार क्वारंटीन सेंटर या होम क्वारंटीन के लिए भेजा जाए। कामगारों व श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंदों को कम्युनिटी किचन के माध्यम से फूड पैकेट उपलब्ध करवाए जाएं। होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले कामगारों व श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए खाद्यान्न की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु कामगारों व श्रमिकों के लिए नए राशन कार्ड भी बनाए जाएं।
उन्होंने एक जून, 2020 से प्रारम्भ होने वाले खाद्यान्न वितरण अभियान के आगामी चरण की तैयारी अभी से प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से कामगारों व श्रमिकों से संवाद किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कामगारों व श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इसके लिए स्किल मैपिंग का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी 15 दिनों में यह कार्य पूरा करते हुए सभी का डाटा इकट्ठा कर लिया जाए। एसएसएमई इकाइयों सहित विभिन्न उद्योगों में कामगारों व श्रमिकों को उनकी दक्षता के अनुसार समायोजित करने के लिए सभी प्रकार के उद्योगों का सर्वे कराया जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एल-1, एल-2 और एल-3 कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या को इस महीने के अंत तक बढ़ाकर एक लाख की जाए। अधिक से अधिक लोगों की टेस्टिंग करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में एक टेस्टिंग लैब की स्थापना के कार्य को गति प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि सभी नॉन कोविड अस्पतालों में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाते हुए इमरजेंसी सेवाओं का संचालन और आवश्यक ऑपरेशन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। एसजीपीजीआई, केजीएमयू और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान जैसे प्रदेश के बड़े चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और मजबूत करने का काम किया जाए।