मुख्यमंत्री ने कहा कि रैन बसेरों, आश्रय स्थलों, सीमावर्ती क्षेत्रों में रुके हुए लोगों तक प्राथमिकता के आधार पर भोजन एवं पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस कार्य में वॉलंटियर्स का सहयोग लिया जाए।
निराश्रित व्यक्तियों, श्रमिकों, बुजुर्गों, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों, किसी भी तरह के आश्रय स्थलों में रहने वाले व्यक्तियों, हॉस्टलों आदि में रहने वाले लोगों के लिए कम्युनिटी किचन स्थापित कर दिये गये हैं। वॉलंटियर्सके सहयोग से इन सभी लोगों तक ताजा भोजन का पैकेट और शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया एवं सोशल मीडिया में अपील के माध्यम से लोगों को वे जहां हैं, वहीं रुकने के लिए जागरूक किया जाए। ऐसे लोगों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने सीमावर्ती जनपदों के प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि जो भी व्यक्ति प्रदेश के अन्दर आश्रय स्थलों, रैन बसेरों आदि स्थलों में रुके हैं, उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश के 60,000 से अधिक ग्राम पंचायतों से संवाद स्थापित कर उन्हें कोरोना से बचाव एवं इलाज की जानकारी देने के साथ ही, ग्राम पंचायतों में इससे जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना की आपदा से निपटने के लिए गठित की गई कमेटियां पारस्परिक समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि ‘108’, ‘102’, एएलएस तथा अन्य मेडिकल वैन को घर-घर दवा आपूर्ति के लिए मोबलाइज किया जाए। इस कार्य में आईएमए की भी सेवा और सहयोग लिया जाए।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदाकर्मियों के मानदेय का भुगतान शीघ्र कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख सचिव पंचायती राज व ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी नगरीय और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित कराएगी।
अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में भी एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी विगत दिनों प्रदेश में हुई अतिवृष्टि व ओलावृष्टि तथा लॉकडाउन के दौरान उद्योगों के बन्द होने से अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभाव का आकलन कर इससे निपटने के लिए भविष्य का रोडमैप बनाने का कार्य करेगी।