मुख्यमंत्री योगी ने कृषिका में लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण किया।
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सीएम योगी ने खेती और किसानों की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा जारी दर्जनों योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज भी 70 फीसदी भूभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित है। देश की 17 फीसदी आबादी यूपी में रहती है। यूपी के पास देश की कृषि योग्य भूमि केवल 11 फीसदी है लेकिन इस पर देश का 20 फीसदी से अधिक अन्न का उत्पादन होता है। यूपी में 235 लाख हेक्टेयर जमीन में 161 लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती-किसानी होती है। इसमें से 86 फीसदी भूमि सिंचित व अत्यंत उपजाऊ है। देश और दुनिया की जितनी उपजाऊ जमीन व जल संसाधन यूपी के पास है, वह किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीक से जोड़ लें, समय पर अच्छे बीज मिल जाएं तो 60 फीसदी से ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन यूपी के किसान कर सकते हैं। यूपी अकेले यूपी देश का पेट भर सकता है।
देश में सबसे ज्यादा गोवंश पालने वाला राज्य है यूपी
सीएम योगी ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा गोवंश पालने वाला राज्य यूपी है। यहां सरकारी गोशालाओं में 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश हैं। उनके लिए तीन तरह की योजनाएं चला रही है। इसका उद्देश्य एक तरफ गोरक्षा तो दूसरी तरफ जहरमुक्त खेती का प्रयास है। यूपी में 1.15 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन में प्राकृतिक खेती हो रही है। गंगा नदी के तटवर्ती 27 जिलों और बुंदेलखंड के सातों जनपदों में इसे प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके विशेषज्ञ गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का संकल्प ही प्राकृतिक खेती के बारे में लोगों को जागरूक करना है। प्राकृतिक पद्धति से खेती में प्रति एकड़ 12 से 15 हजार की बचत होती है। यदि 161 लाख हेक्टेयर को प्राकृतिक खेती में बदल देंगे तो लाखों करोड़ रुपये बचेंगे।
कृषिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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सीएम ने यूपी के किसानों की सफलता की कहानी बताई कि बिजनौर का एक किसान 10 एकड़ खेती में एक करोड़ रुपये सालाना शुद्ध मुनाफा कमाता है। यूपी के किसानों ने एक एकड़ में 86 टन गन्ना उत्पादन का कमाल कर दिखाया। एक किसान पिपरमेंट की खेती भी करते हैं और किसानों से एकत्र कर 200 करोड़ का निर्यात भी कर रहे हैं। एक किलो आम का दाम रूस, यूएस, यूरोप में एक हजार रुपये है।
अब एक सप्ताह के भीतर गन्ना किसानों को होता है भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर सिंचाई के दायरे को बढ़ाया गया है। यूपी में 3500 से अधिक एफपीओ कार्य कर रहे हैं। वेयरहाउस बनाए गए हैं। पहले गन्ने के सीजन में किसान आंदोलन करता था। अब यूपी में 120 चीनी मिलें चल रही हैं। इसमें से 100 मिलें एक सप्ताह के अंदर भुगतान कर रही हैं। यूपी गन्ना, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। देश का 25 फीसदी आलू उत्पादन और 30 फीसदी मक्का उत्पादन यूपी का किसान कर रहा है। धान, गेहूं, दलहन-तिलहन में भी किसानों ने कीर्तिमान स्थापित किया है। अन्नदाता किसानों की मेहनत व डबल इंजन सरकार के प्रयास से यूपी फिर से खाद्यान्न की टोकरी के रूप में गौरव प्राप्त कर रहा है।
किसानों को धनराशि देकर किया सम्मानित।
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सीएम ने कृषि पर इस रचनात्मक पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए अमर उजाला को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि खेती किसानी के महत्वपूर्ण मुद्दे को ‘कृषिका’ के रूप में आगे बढ़ाने का अभिनव प्रयोग अमर उजाला ने किया है। कृषिका शब्द पर कहा कि हम इस धरती को माता कहते हैं। इस धरती माता से ही पूरी सृष्टि के लिए जो कुछ भी प्राप्त होता है, वह हमारी कृषि और फसलों से मिलता है। इसलिए स्वभाविक रूप से कृषिका अत्यंत सुंदर नामकरण है।
किसानों के नाम पर राजनीति बहुतों ने की लेकिन किसानों का हित पीएम मोदी ने किया
सीएम ने कहा कि आजादी के बाद किसानों के नाम पर राजनीति तो बहुत सारे लोगों ने की। किसानों के नाम को बहुत लोगों ने भुनाया लेकिन किसान ईमानदारी के साथ भारत के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बन सकें। ईमानदारी के साथ ये प्रयास वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। पीएम के अभियान को याद करते हुए कहा कि वह कहते हैं कि हम अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराते हैं। शरीर में विटामिन, प्रोटीन या कोई तत्व कम हो जाता है तो सप्लीमेंट्री डाइट या दवा से उसकी पूर्ति कर शरीर को स्वस्थ करते हैं। लेकिन हमारा पेट भरने वाली धरती मां के स्वास्थ्य की चिंता नहीं की गई। पीएम ने मृदा परीक्षण कार्ड की शुरुआत की। इसमें बताया गया कि किसान उसी केमिकल का इस्तेमाल करें जो मिट्टी के लिए जरूरी हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर उजाला अपने रचनात्मक कार्यों के लिए अनेक अभियान चलाता है। कृषि अभियान चलाया। हर वर्ष स्व. अतुल महेश्वरी छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत भव्य तरीके से बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को सम्मानित करने का कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि हम केवल पत्रकारिता ही नहीं कर रहे हैं। दूसरों की कमियों को ही उजागर नहीं कर रहे हैं। बल्कि समाज की प्रगति में सहभागी बनकर जीवंत पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में सभी की भूमिका है। सभी लोग देश-समाज-राज्य के लिए मिलकर काम करेंगे तो विकास होगा। अमर उजाला का ये प्रयास सराहनीय है।
विदेश भेजें केमिकल फ्री फल-सब्जी, हम भी क्यों खाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विदेश में केमिकल फ्री फल-सब्जी निर्यात होती है। जहरमुक्त फल-सब्जी-खाद्यान्न का निर्यात करते हैं। वो लोग केमिकल फ्री खाएंगे, जहर फ्री खाएंगे तो क्या हम ही जहर वाली फल-सब्जी खाने के लिए बने हैं? हमारे पास गोमाता और धरती माता हैं। हम गोमूत्र और गोबर से फसल बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की पहल कृषिका का उद्देश्य भी यही है कि हमें किसान की आमदनी भी बढ़ानी है और किसान की आमदनी के साथ-साथ धरती माता को स्वस्थ रखना है।