मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में बेटे व बेटियों का भेद समाप्त करना होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद और सीबीएसई की परीक्षा में मेरिट में आई छात्राओं ने साबित कर दिया है कि यदि उन्हें मौका दिया जाए तो वे राष्ट्र को नई दिशा दे सकती हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट और हाई स्कूल परीक्षा में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 97 विद्यार्थियों में केवल 35 लड़के हैं, जबकि 62 छात्राएं हैं। सीबीएसई के भी 11 टॉपर्स में 8 बालिकाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जब सरकार संभाली तब विरासत में बिगड़ी हुई शिक्षा व्यवस्था मिली थी।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का परिणाम है कि फतेहपुर जैसे पिछड़े जिले के बच्चे ने टॉप किया है। यह मेधावी विद्यार्थियों के साथ सरकार का भी सम्मान है। इस सम्मान से युवाओं में ऊर्जा बढ़ेगी, युवाओं की ऊर्जा से ही उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
विद्यार्थी विद्वान बनें, लेकिन अंहकारी नहीं : डॉ. दिनेश शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि बच्चे अपने वर्तमान को बेहतर बनाने के साथ भारत का भविष्य संवारने के लिए आगे आएं। विद्यार्थी विद्वान बनें, लेकिन उनमें अहंकार का भाव नहीं होना चाहिए। माता-पिता ही बच्चों के वटवृक्ष हैं, उन्हें सदैव उनकी छांव में रहना चाहिए। सरकार ने एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। 165 नए दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल खोले हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय व सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि भाजपा ने हमेशा विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का मजबूत स्तंभ माना है। योगी सरकार ने परीक्षा की पवित्रता को बनाए रखा है। नकलविहीन परीक्षा से विद्यार्थियों का सम्मान और मनोबल बढ़ा है।
तारीफ के साथ नसीहत भी दी
मुख्यमंत्री ने काउंसिल फॉर दी इंडियन स्कूल एग्जामिनेशन की परीक्षा में टॉपर्स सीएमएस स्कूल से होने पर स्कूल संचालक जगदीश गांधी की प्रशंसा की। उन्होंने गांधी को मंच पर बुलाकर स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। साथ ही बच्चों से कम फीस वसूलने की नसीहत भी दी। गांधी ने मुख्यमंत्री के पैर छुए, लेकिन कोई आश्वासन नहीं दिया।
संभल के मुकुंद को मिलेगी मोटराइज्ड व्हील चेयर
मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल परीक्षा में संभल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दिव्यांग मुकुंद कुमार झा को सम्मानित करते हुए उसका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उसे मोटराइज्ड व्हील चेयर दिलाने के निर्देश दिए।
टैबलेट के साथ राज्य स्तर के मेधावियों को मिले एक लाख, जिला स्तर वालों को 21 हजार रुपये
अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि समारोह में 1709 मेधावियों को सम्मानित किया गया। इनमें माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल परीक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 55 और इंटरमीडिएट में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 42 मेधावियों के साथ ही जिला स्तर पर टॉप टेन सूची में शामिल हाई स्कूल के 823 और इंटरमीडिएट के 837 मेधावी विद्यार्थी हैं।
सीबीएसई की इंटरमीडिएट में राज्य स्तर के 11 मेधावियों के साथ ही आईसीएससीई के हाई स्कूल के 16 और इंटरमीडिएट के 22 राज्य स्तरीय मेधावी भी सम्मानित किए गए। राज्य स्तर के मेधावियों को एक-एक लाख रुपये नकद, टैबलेट, मेडल व प्रशस्ति पत्र तथा जिला स्तर के प्रथम दस मेधावियों को 21,000 रुपये नकद, टेबलैट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए।