मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट काल में उद्यमियों के साथ संवाद की अमर उजाला की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि संकट के समय में मीडिया व इंडस्ट्री मिलकर समाधान का रास्ता निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवाद से ही समाधान निकल सकता है।
मुश्किल समय में एमएसएमई सेक्टर ने सकारात्मक भूमिका निभाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर ने इस चुनौती के समय में पॉजिटिव रेस्पांस दिया है। सरकार ने भी इस सेक्टर को प्रोत्साहन के लिए कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के गरीब कल्याण पैकेज में तीन लाख करोड़ रुपये एमएसएमई सेक्टर के लिए है। इसी तरह प्रदेश सरकार ने इस पैकेज के एलान के तत्काल बाद 57 हजार उद्यमियों को कोलेटरल लोन दिलाया।
जून के मध्य में कोरोना संक्रमण की आशंका निर्मूल साबित
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पहली बार कोरोना का अलर्ट आया तब इस तरह की भयावहता का कोई अनुमान नहीं था। विशेषज्ञ कहते थे कि जून के मध्य में कोरोना संक्रमण का पीक आएगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में जिस तरह समय पर निर्णय लिए गए, उससे यह आशंका निर्मूल साबित हुई। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का जब पहला केस सामने आया, तब एक भी लैब नहीं थी। आज 33 लैब हैं। उस समय कोई आइसोलेसन बेड नहीं था। आज कोविड हास्पिटल में 101236 बेड हैं। तब 36 जिलों में एक भी वेंटिलेटर नहीं था। आज सभी 75 जिलों में वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की सुविधा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से लड़ाई एक दिन की नहीं है। यह लंबी चलने वाली है। जब तक दवा या वैक्सीन नहीं आ जाती, सतर्कता व सावधानी के साथ आगे बढ़ना है। थोड़ी भी असावधानी संक्रमण का कारण बन सकती है। बुजुर्गों, कई बीमारी से ग्रस्त लोगों, गर्भवती महिलाओं 10 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को विशेष सतर्कता बरतनी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस महामारी की वजह से प्रभावित हर सेक्टर की हर स्तर पर मदद की है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित गरीब कल्याण पैकेज से बड़ी मदद मिली है। प्रदेश सरकार ने श्रमिकों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं व युवाओं, निर्माण श्रमिकों, पटरी व्यवसायियों व विश्वकर्मा श्रम सम्मान के दायरे में आने वाले कारीगरों सहित करीब 34 लाख से अधिक लोगों को भरण-पोषण भत्ता दिया है।
वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन व कुष्ठावस्था के 86.71 लाख लाभार्थियों को तीन महीने की पेंशन व 1000 रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। 3.56 करोड़ जन-धन खाताधारक महिलाओं के खाते में तीसरी बार 500-500 रुपये की धनराशि भेजी गई है। 1.54 करोड़ उज्जवला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर मुफ्त में दिलाया गया है। 18 करोड़ से अधिक लोगों को छठीं बार मुफ्त अनाज देने जा रहे हैं। मनरेगा के लाखों मजदूरों के बकाये के भुगतान के साथ मजदूरी की दर 180 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर काम उपलब्ध कराने की पहल की।
श्रमिकों के रोजगार की पूरी कार्ययोजना, क्वारंटीन से बाहर आते ही दे रहे रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों व कामगारों के साथ स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए भविष्य की पूरी कार्ययोजना तैयार की गई है। 35 लाख से अधिक श्रमिक आए हैं। 1657 ट्रेनों के जरिए इन्हें व्यवस्थित तरीके से लाया गया। केंद्र ने ट्रेन की सुविधा दी। इन सभी की स्क्रीनिंग, क्वारंटीन सेंटर में रुकने की व्यवस्था व स्किल मैपिंग कराई गई। यहां से जो जाना चाहते थे, उनके जाने की व्यवस्था कराई गई। अब जो भी क्वारंटीन अवधि पूरी कर बाहर आ रहे हैं, उन्हें रोजगार देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।