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अमर उजाला वेबिनार में बोले सीएम योगी- कोरोना की चेन भी तोड़ेंगे, प्रवासी व निवासी सभी को रोजगार भी देंगे

Tue, 16 Jun 2020 08:05 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार वर्तमान में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने तथा प्रवासी व निवासी दोनों ही तरह के श्रमिकों व कामगारों को रोजगार देने की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है। लेकिन, सरकार दोनों ही चुनौतियों से पूरी तैयारी के साथ निपट रही है और इसे एक अवसर के रूप में लिया है। सरकार दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों के साथ स्थायी रूप से यहां रहने वाले निवासी श्रमिकों व कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसके लिए रणनीति पूर्वक काम किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री मंगलवार को अमर उजाला द्वारा आयोजित कोरोना काल और आर्थिक चुनौतियां विषयक संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश भर के विभिन्न सेक्टर से जुड़े उद्यमियों के सवालों के जवाब भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन महीने में हर व्यक्ति को पता चल गया है कि कोरोना वायरस से इलाज के लिए न तो कोई दवा है और न ही वैक्सीन। सावधानी और सतर्कता से ही सभी कार्यक्रमों व आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकता है।



चार चरण के लॉकडाउन के बाद अनलॉक-1 में लगभग सभी आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौट आई हैं और स्थिति में परिवर्तन नजर आ रहा है। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस तरह सरकार ने कोरोना संक्रमण से प्रदेश के लोगों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए और किस तरह दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के रोजगार, सेवायोजन व स्वत: रोजगार के लिए कदम उठा रही है।
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योगी ने कहा कि सरकार ने दूसरे राज्यों से लौटे 35 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराई है और आज (मंगलवार) ही प्रवासी व स्थानीय श्रमिकों-कामगारों को रोजगार व स्वत:रोजगार देने के लिए कामगार-श्रमिक, सेवायोजन एवं रोजगार आयोग के गठन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार कामगारों व श्रमिकों को रोजगार के साथ सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी देगी। सरकार ने रोजगार देने का बड़ा अभियान अपने हाथ में लिया है।

संकट के समय में मीडिया व इंडस्ट्री मिलकर निकाल रहे समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट काल में उद्यमियों के साथ संवाद की अमर उजाला की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि संकट के समय में मीडिया व इंडस्ट्री मिलकर समाधान का रास्ता निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवाद से ही समाधान निकल सकता है।

मुश्किल समय में एमएसएमई सेक्टर ने सकारात्मक भूमिका निभाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर ने इस चुनौती के समय में पॉजिटिव रेस्पांस दिया है। सरकार ने भी इस सेक्टर को प्रोत्साहन के लिए कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के गरीब कल्याण पैकेज में तीन लाख करोड़ रुपये एमएसएमई सेक्टर के लिए है। इसी तरह प्रदेश सरकार ने इस पैकेज के एलान के तत्काल बाद 57 हजार उद्यमियों को कोलेटरल लोन दिलाया।

जून के मध्य में कोरोना संक्रमण की आशंका निर्मूल साबित
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पहली बार कोरोना का अलर्ट आया तब इस तरह की भयावहता का कोई अनुमान नहीं था। विशेषज्ञ कहते थे कि जून के मध्य में कोरोना संक्रमण का पीक आएगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में जिस तरह समय पर निर्णय लिए गए, उससे यह आशंका निर्मूल साबित हुई। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का जब पहला केस सामने आया, तब एक भी लैब नहीं थी। आज 33 लैब हैं। उस समय कोई आइसोलेसन बेड नहीं था। आज कोविड हास्पिटल में 101236 बेड हैं। तब 36 जिलों में एक भी वेंटिलेटर नहीं था। आज सभी 75 जिलों में वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की सुविधा है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से लड़ाई एक दिन की नहीं है। यह लंबी चलने वाली है। जब तक दवा या वैक्सीन नहीं आ जाती, सतर्कता व सावधानी के साथ आगे बढ़ना है। थोड़ी भी असावधानी संक्रमण का कारण बन सकती है। बुजुर्गों, कई बीमारी से ग्रस्त लोगों, गर्भवती महिलाओं 10 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को विशेष सतर्कता बरतनी है।
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महामारी की वजह से प्रभावित हर सेक्टर की हर स्तर पर मदद की

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस महामारी की वजह से प्रभावित हर सेक्टर की हर स्तर पर मदद की है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित गरीब कल्याण पैकेज से बड़ी मदद मिली है। प्रदेश सरकार ने श्रमिकों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं व युवाओं, निर्माण श्रमिकों, पटरी व्यवसायियों व विश्वकर्मा श्रम सम्मान के दायरे में आने वाले कारीगरों सहित करीब 34 लाख से अधिक लोगों को भरण-पोषण भत्ता दिया है।

वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन व कुष्ठावस्था के 86.71 लाख लाभार्थियों को तीन महीने की पेंशन व 1000 रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। 3.56 करोड़ जन-धन खाताधारक महिलाओं के खाते में तीसरी बार 500-500 रुपये की धनराशि भेजी गई है। 1.54 करोड़ उज्जवला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर मुफ्त में दिलाया गया है। 18 करोड़ से अधिक लोगों को छठीं बार मुफ्त अनाज देने जा रहे हैं। मनरेगा के लाखों मजदूरों के बकाये के भुगतान के साथ मजदूरी की दर 180 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर काम उपलब्ध कराने की पहल की।

श्रमिकों के रोजगार की पूरी कार्ययोजना, क्वारंटीन से बाहर आते ही दे रहे रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों व कामगारों के साथ स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए भविष्य की पूरी कार्ययोजना तैयार की गई है। 35 लाख से अधिक श्रमिक आए हैं। 1657 ट्रेनों के जरिए इन्हें व्यवस्थित तरीके से लाया गया। केंद्र ने ट्रेन की सुविधा दी। इन सभी की स्क्रीनिंग, क्वारंटीन सेंटर में रुकने की व्यवस्था व स्किल मैपिंग कराई गई। यहां से जो जाना चाहते थे, उनके जाने की व्यवस्था कराई गई। अब जो भी क्वारंटीन अवधि पूरी कर बाहर आ रहे हैं, उन्हें रोजगार देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
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