सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पुलिस अफसरों को सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि असामाजिक तत्वों को पकड़ने के बाद उन्हें सजा दिलाने में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजधानी सहित लखनऊ मंडल के छह जिलों की कानून-व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने सीतापुर के डीएम व एसपी को खास तौर पर आड़े हाथ लिया और व्यापारी परिवार के तिहरे हत्याकांड का अभी तक खुलासा न होने पर नाराजगी जताई। चेताया कि अगर हत्याकांड का जल्द खुलासा कर अपराधियों को जेल नहीं पहुंचाया गया तो दोनों अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
लगभग तीन घंटे चली बैठक
सीएम योगी आदित्यनाथ बैठक के लिए जाते हुए।
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योगी ने पुलिस अफसरों का मनोबल भी बढ़ाया। नसीहत दी कि अपराधियों से पूरी सख्ती से निपटें। इस मामले में किसी की भी कोई सिफारिश न मानी जाए। समीक्षा बैठक तकरीबन साढ़े तीन घंटे चली। इसमें लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर, हरदोई व उन्नाव जिलों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने शुरुआत कानून व्यवस्था से ही की।
इसके बाद पीएम व सीएम की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जन शिकायतों के निस्तारण, पेयजल, साफ सफाई, बिजली, पीएम आवास योजना की प्रगति, ओडीएफ गांवों के चयन, आपदा राहत राशि का भुगतान, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, एकीकृत विद्युत विकास योजना, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, गेहूं व आलू की सरकारी खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा हुई। सीएम ने अफसरों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में सभी छह जिलों के सांसद, विधायक व उनके प्रतिनिधि के साथ डीएम, सीडीओ, एसएसपी व एसपी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।