लखनऊ। पावर कॉर्पोरेशन ने प्रदेश के 47 लाख घरेलू और व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड एक से चार किलोवाट तक बढ़ा दिया है। इसमें लखनऊ के 3.64 लाख उपभोक्ता हैं। लोड बढ़ने की प्रोसेसिंग फीस और जमानत धनराशि की गणना कंप्यूटर से ऑटोमेटिक कर सीधे बिल में जोड़ दी गई है। लोड बढ़ाने के बाद नई जमानत धनराशि को बिल में दर्ज करते समय कई मामलों में पुरानी जमानत धनराशि को सही तरीके से घटाया नहीं गया है। इसलिए जरूरी है कि उपभोक्ता जुलाई में मिलने वाले अपने बिजली बिल की अच्छे से जांच कर लें।
लोड बढ़ाने के नियम
प्रोसेसिंग फीस : 1 से 2 किलोवाट तक 200 रुपये, 3 से 4 किलोवाट तक 300 रुपये, 5 से 24 किलोवाट तक 500 रुपये।
जमानत धनराशि : लोड बढ़ने पर उपभोक्ता की नई जमानत धनराशि की गणना की जाती है और उसमें से पहले से जमा (पुरानी) जमानत धनराशि घटाई जाती है। बची हुई राशि ही बिल में जुड़नी चाहिए।
मीटर शुल्क : लोड बढ़ने पर यदि उपभोक्ता के घर का मीटर बदलने की जरूरत पड़ती है तो मीटर शुल्क भी वसूलने का प्रावधान है।
ऐसे करें अपने जमानत धनराशि की गणना
कनेक्शन का प्रकार स्वीकृत लोड प्रति किलोवाट शुल्क
ग्रामीण घरेलू 2 किलोवाट तक 100 रुपये
शहरी घरेलू 2 किलोवाट तक 300 रुपये
घरेलू कनेक्शन 2 किलोवाट से अधिक 400 रुपये
व्यावसायिक 2 किलोवाट से अधिक 1000 रुपये
ऐसे उपभोक्ता जिनके बिल पर कम जमानत धनराशि दर्ज
केस-1
खाता नंबर 1713010000
लोड बढ़ा 2 से 3 किलोवाट
नई जमानत राशि थोपी 1199 रुपये
पुरानी जमानत राशि 119.89 रुपये
सही जमानत राशि 1080 रुपये
रकम का अंतर 119 रुपये
केस-2
खाता नंबर 4783770000
लोड बढ़ा 2 से 3 किलोवाट
नई जमानत राशि थोपी 1199 रुपये
पुरानी जमानत राशि 117.89 रुपये
सही जमानत राशि 1082 रुपये
रकम का अंतर 117 रुपये
केस-3
खाता नंबर 9482237525
लोड बढ़ा 3 से 4 किलोवाट
नई जमानत राशि थोपी 1600 रुपये
पुरानी जमानत राशि 1200 रुपये
सही जमानत राशि 400 रुपये
रकम का अंतर 1200 रुपये
नोट : ये तीनों घरेलू बिजली उपभोक्ता
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अब तक किसी उपभोक्ता ने जमानत धनराशि की गलत गणना की शिकायत नहीं की है। शिकायत आएगी तो जांच कराने के साथ ही कुछ उपभोक्ताओं की रैंडम जांच भी करेंगे। शिकायत सही पाए जाने पर बिल को दुरुस्त कराया जाएगा।
- रजत जुनेजा, निदेशक (वाणिज्य), मध्यांचल विद्युत वितरण निगमजांच लें बिजली बिल, कहीं लोड बढ़ने में जेब तो नहीं कटी