राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नकल माफियाओं की सक्रियता के कारण यहां की डिग्रियां अन्य प्रदेशों में कमतर आंकी जाती हैं। नकल के कारण सामान्य और मेधावी विद्यार्थी एक ही श्रेणी में खड़े हो जाते हैं।
यह न केवल मेधावियों के साथ अन्याय है बल्कि चिंताजनक भी है। शुक्रवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 19 वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने उक्त बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने 74 मेधावियों को कुलाधिपति पदक से नवाजा, जिनमें में 41 छात्राएं थीं।
कुलाधिपति नाईक ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर नकल विहीन परीक्षा कराने की दिशा में उठाए गए कदम की सराहना करते हुए कहा कि अगर यह प्रयास सफल रहता है तो मेहनतकश छात्र-छात्राओं को न्याय मिल सकेगा।
यह उपलब्धि हासिल करने पर वह विश्वविद्यालय को भी स्वर्ण पदक देंगे। उन्होंने मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उपाधि पाने वालों के लिए यह अविस्मरणीय दिन है।