लखनऊ। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में 140 करोड़ का टेंडर दिलाने के नाम पर दो कारोबारियों से चार करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह के सरगना नजाहिर हुसैन को एसटीएफ ने गोमतीनगर स्थित पुलिस माॅडर्न स्कूल के पास से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। दक्षिणी दिल्ली के पूर्वी कैलाश निवासी आरोपी नजाहिर के पास से दो मोबाइल फोन, 1500 रुपये, फर्जी आधार कार्ड, एफसीआई का फर्जी पहचान पत्र, फर्जी बैंक ड्राफ्ट, पैन कार्ड और टेंडर से संबंधित दस्तावेज मिले हैं।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी इंटर पास है और मूलरूप से बरेली के नवाबगंज अभयराजपुर का रहने वाला है। फर्जीवाड़े के लिए चौक के नक्खास विक्टोरिया निवासी अरविंद चौहान और दक्षिण पशि्चम दिल्ली के महावीर एन्क्लेव भाग-1 गुरुद्वारा रोड गली नं 7, आरजेडबी 144 निवासी सागर खंडेलवाल के नाम से दो फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे थे। पीड़ितों को जाल में फंसाने के लिए खुद को एफसीआई का अधिकारी अरविंद चौहान उर्फ सागर खंडेलवाल बताता था। आरोपी के खिलाफ गोमतीनगर थाने में केस दर्ज किया गया है। एसटीएफ की टीम गैंग के अन्य गुर्गों की तलाश में लगी है।
एसटीएफ के एडिशनल एसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक कारोबारी खुर्रमनगर निवासी रफत मुईन और जियाउद्दीन ने शिकायत की थी कि एफसीआई से उत्तर प्रदेश व हरियाणा के चावल का करीब 140 करोड़ का टेंडर दिलाने के नाम पर अरविंद चौहान, अभिषेक ठाकुर, विशाल गर्ग, अभिषेक जैन व प्रकाश ने झांसा दिया। सौदा पांच करोड़ रुपये में तय हुआ था। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर कई बार में चार करोड़ रुपये वसूल लिए थे। बकाया एक करोड़ रुपये न देने पर टेंडर हाथ से निकल जाने की बात कहकर आरोपी दबाव बना रहे थे।
एसटीएफ के अनुसार, शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि एफसीआई में चावल, ज्वार मक्का आदि उठान का टेंडर दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना नजाहिर किसी से मिलने विनीतखंड सि्थत पुलिस माॅडर्न स्कूल के पास आने वाला है। इस सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दिए थे दस्तावेज
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एफसीआई के एम-वैल्यू जंक्शन पोर्टल पर पंजीकरण की बात कहकर सितंबर-2024 में टेंडर से संबंधित एफसीआई निदेशक के जाली हस्ताक्षर बनाकर दस्तावेज सैयद रफत को दिए थे। दो अलग-अलग बैंकों के जाली डिमांड ड्राफ्ट 14,00,21,536/ रुपये के जनरल मैनेजर एफसीआई के पक्ष में तनवीर जियाउद्दीन के तरफ से बनवाए गए थे। आरोपी ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में 40 लाख का टेंडर दिलाने के नाम पर ठगी की थी। इस संबंध में उसके व गैंग के गुर्गों के खिलाफ महाराष्ट्र के ठाणे सि्थत काशीमीरा थाने में केस दर्ज हुआ था। मामले में आरोपी दो माह जेल में भी रहा था।