कुशीनगर में प्राथमिक विद्यालय में तैनात शहर की एक शिक्षिका से शादी का झांसा देकर सालभर तक दुराचार किया गया।
सगाई की रस्म में शिक्षिका के पिता से तीन लाख 70 हजार रुपये, बाइक व सोने की चेन भी ले ली गई।
इस वारदात को अंजाम सोनभद्र जिले में खुद को बतौर कोल माइंस अधिकारी बताने वाले राजन गहलोत ने दी।
उसके घर पहुंचने पर शिक्षिका से उसकी मां ने दहेज में 10 लाख रुपये की मांग भी की। मामले में मां-बेटे के खिलाफ सीजेएम ज्ञान प्रकाश सिंह की अदालत ने रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश शहर कोतवाल को दिया है
ऐसे फंसाया जाल में
कोतवाली नगर के एक मुहल्ले की रहने वाली विधवा महिला कुशीनगर में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है। उसके पति का वर्ष 2003 में निधन हो गया।
इसी नौकरी के सहारे वह अपने दो बच्चों का पालन पोषण करती है। 11 मार्च 2012 को वह कुशीनगर से अपने घर आ रही थी।
बस में उसे सोनभद्र निवासी राजन गहलोत मिला। खुद को कोल माइन्स में अधिकारी बताकर उसने शिक्षिका को अपने जाल में फंसाया और महिला से उसका फोन नंबर ले लिया।
फिर शिक्षिका की मां के बीमार होने पर वह शिक्षिका के फैजाबाद स्थित घर आया और शिक्षिका के पिता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा।
‘10 लाख दो तब होगी शादी’
घरवाले तैयार हुए तो घर वालों की नाराजगी का बहाना बना तत्काल केवल सगाई करने को कहा। शिक्षिका के परिवार वाले उसके झांसे में आ गए।
16 अगस्त 2012 को सगाई की रस्म हुई और शिक्षिका के पिता ने दहेज में तीन लाख 70 हजार रुपये और बाइक व सोने की चेन भी दे दी।
फिर सालभर तक राजन शिक्षिका के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा इसके बाद गायब हो गया। शिक्षिका उसके घर गई तो उसकी मां मंगला देवी ने कहा कि 10 लाख रुपये दो तब शादी की जाएगी।
वह रोती बिलखती घर पहुंची और रिपोर्ट लिखने के लिए तहरीर कोतवाली में दी। सुनवाई न होने पर अदालत में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश देने की अर्जी दी।