बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी में शुक्रवार को जहां जनता एक्सप्रेस हादसे में घायल हुए यात्रियों की कराह से गूंज रही थी और मृतकों के परिवारीजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन था, वहीं शनिवार को पूरे वातावरण में मातम और अजीब सा सन्नाटा पसरा था।
सभागार में पड़े मृतकों के जूते- चप्पल व खून से सने कपड़े जरूर हादसे की भयावहता बयां कर रहे थे।
सीएचसी के मेन गेट से घुसते ही सभागार और ओपीडी ब्लॉक के बाहर पिघल रही बर्फ की सिल्लियों पर नजर पड़ी तो दिल बैठ गया। इन्हीं सिल्लियों के बीच शवों को रखा गया था।