चौरासी बाबा प्रकरण को लेकर ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन।
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संत चौरासी बाबा आश्रम की करीब 500 करोड़ की संपत्ति हथियाने का आरोप एक भाजपा नेता पर लगाते हुए बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंच गए। नए ट्रस्ट के गठन पर स्थानीय ग्रामीणों ने एसडीएम और सीओ जयसिंहपुर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर ट्रस्ट को सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग की।
चौरासी बाबा आश्रम की संपत्ति को लेकर करीब साल भर से चल रहा विवाद बुधवार को महंत दत्तात्रेय चौरासी बाबा के अचानक जयसिंहपुर तहसील पहुंचते ही गरमा गया था। उनके तहसील पहुंचने की सूचना लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां आ गए थे और उप निबंधक कार्यालय के पास हंगामा करने लगे थे। उप निबंधक की सूचना पर प्रशासन को कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी थी। इसके बाद लोगों को रोका जा सका था। सुरक्षा के बीच चौरासी बाबा ने नया ट्रस्ट बनवाया है। इसी विवाद को लेकर स्थानीय ग्रामीण बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर ट्रस्ट को सरकारी अधिकारियों के नियंत्रण में लिए जाने की मांग की।
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यह है पूरा मामला
गोसाईगंज थाना के बेलहरी गांव स्थित बाबा चौरासी आश्रम की संपत्तियों पर कुछ लोग वर्षों से निगाह लगाए हैं। करीब 91 वर्षीय आश्रम के महंत दत्तात्रेय चौरासी बाबा को लेकर कुछ सेवादार व अन्य लोग बुधवार को जयसिंहपुर के उप निबंधक कार्यालय पहुंच गए। नया ट्रस्ट बनाए जाने के बाद फिर से विवाद बढ़ गया है। नए ट्रस्ट में तहसीलदार व पुलिस क्षेत्राधिकारी को पदेन सदस्य बनाया गया है।
आठ माह बाद बनवाया नया ट्रस्ट
बेलहरी स्थित दत्तात्रेय चौरासी बाबा आश्रम लोगों की आस्था का केंद्र है। बाबा की संपत्ति कई प्रांतों में हैं। पिछले कुछ वर्ष से अस्वस्थ चल रहे बाबा से बीते आठ सितंबर को दो लोगों ने उनकी कुछ संपत्ति का बैनामा करा लिया था। इसके साथ ही एक नया ट्रस्ट बनाकर संपत्ति उसके नाम कर दी थी। कई दिन बवाल के बाद 21 अक्टूबर को बाबा के नाम संपत्ति का बैनामा कर उसे वापस कर दिया गया था। करीब आठ माह बाद फिर बाबा से नया ट्रस्ट बनवाया है।