नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई हिंसा में दर्ज 343 मामलों में पुलिस जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करने की तैयारी में है। डीजीपी मुख्यालय ने इन सभी मामलों की जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरी किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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सीएए व एनआरसी के विरोध में दिसंबर में प्रदेश के विभिन्न जिलों में हिंसात्मक प्रदर्शन हुए थे। पुलिस ने विभिन्न जिलों में कुल 343 एफआईआर दर्ज की और करीब 840 को गिरफ्तार किया था। इनमें करीब 560 लोगों को अदालतों से जमानत मिल चुकी है। वहीं पूरे प्रकरण को लेकर उच्च अधिकारी चिंतित हैं।
कारण यह है कि दिसंबर में दर्ज इन मुकदमों में आरोप पत्र अथवा अंतिम रिपोर्ट लगाने का समय लगभग पूरा होने जा रहा है। किसी भी मामले में यह रिपोर्ट 90 दिन में लग जानी चाहिए। ऐसा न होने की दशा में आरोपियों को अदालत से लाभ मिल सकता है। सरकार भी इस मामले को लेकर गंभीर है।
हिंसा को लेकर जो मुकदमे दर्ज हुए उनमें से सिर्फ कानपुर और संभल के एक-एक मामले में जांच पूरी हो सका है। स्थानीय अदालतों में इस मामले में पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए भी कई याचिकाएं दायर हैं।