एसआईटी की जांच में एएसपी/तत्कालीन क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर चक्रेश मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक देवीप्रसाद तिवारी की लापरवाही भी उजागर हुई। गिरफ्तार दोनों आरक्षियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करके जेल भेजने के बजाय थाने बुलाकर बयान जारी करने की छूट दी गई। ड्यूटी लगाने में लापरवाही उजागर हुई। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हत्याकांड की 81 दिन की पड़ताल में क्राइम सीन का दो बार रीक्रिएशन और 32 स्थानों पर छानबीन के साथ 68 लोगों के बयान दर्ज किए गए। दो सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि सिर्फ 37 सेकंड में वारदात अंजाम दी गई थी।
आरक्षी संदीप कुमार के साथ गश्त पर निकले आरक्षी प्रशांत चौधरी ने देर रात सुनसान सड़क पर धीमी रफ्तार से जा रही एसयूवी के आगे अपनी बाइक खड़ी करके रोकना चाहा। आरक्षी संदीप डंडा लेकर एसयूवी के बाएं गेट के पास गया था।
विवेक ने साथ वाली बैठी सहकर्मी से पूछताछ करते देख गाड़ी लेकर भाग निकलना चाहा। इस पर संदीप ने उसके सहकर्मी को डंडा मारा और एसयूवी की टक्कर से बाइक समेत गिरे प्रशांत ने उठते ही सर्विस पिस्टल से विवेक को निशाना बनाकर गोली मार दी थी।