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चरम पर बगावत, भाजपाइयों ने तोड़ा अपना ही दफ्तर

Thu, 20 Mar 2014 07:04 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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राजनाथ सिंह भाजपा फतह का खाका भले ही खींच चुके हों, लेकिन माहौल उनके खिलाफ
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ही बन रहा है। अब भाजपाइयों ने गुस्से में अपना ही दफ्तर तोड़ डाला।

गोंडा लोकसभा सीट से कीर्तिवर्धन सिंह को भाजपा प्रत्याशी घोषित किए जाने से गुस्साए भाजपाइयों ने गुरुवार को मुख्यालय स्थित पार्टी कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया।

कार्यालय में घुसकर तोडफ़ोड़ की और पार्टी का बोर्ड जला दिया। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कीर्तिवर्धन सिंह का पुतला भी जलाया।

मौके पर पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।

भाजपाइयों ने जमकर मचाया उत्पात

बुधवार रात भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने गोंडा लोकसभा सीट से कीर्तिवर्धन सिंह को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया।

इससे गुस्साए भाजपाई गुरुवार को पूर्व मंडल अध्यक्ष झंझरी राकेश तिवारी की अगुवाई में पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां कीर्तिवर्धन सिंह और राजनाथ सिंह के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

इससे मन नहीं भरा तो कार्यालय में लगा बोर्ड तोड़ दिया और उसे आग के हवाले कर दिया। इसके बाद कार्यालय में घुसकर प्रचार सामग्री, कुर्सी, मेज, टीवी, दरवाजा आदि तोड़ डाला।

उसके बाद कार्यकर्ताओं ने राजनाथ और कीर्तिवर्धन का पुतला जलाकर फिर जमकर नारेबाजी की।

विद्यार्थी परिषद का कार्यालय भी चपेट में

राकेश तिवारी का कहना है कि कीर्तिवर्धन का नाम भाजपा के प्रत्याशियों सूची में शामिल होने से क्षेत्र के कार्यकर्ता हतप्रभ हैं।

नगर के मालवीयनगर मोहल्ले में जिस भवन में भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय है, उसी भवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्यालय भी है।

भाजपा कार्यालय में तोडफ़ोड़ के कारण विद्यार्थी परिषद का कार्यालय भी उसी की चपेट में आ गया।

कृष्ण कुमार शुक्ल व अनिल पांडेय ने बताया कि उनके कार्यालय की कुर्सी, मेज, टीवी, नल आदि भी टूट गए हैं।

भाजपा में अब कराई जा रही जांच

भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी का कहना है कि इसके पीछे पार्टी से पूर्व में निकाले गए कुछ पदाधिकारियों और सपा का हाथ है।

मामले की जांच कराई जा रही है। यदि पार्टी के किसी पदाधिकारी और नेता की इसमें भागीदारी पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी जा रही है।

कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भइया का कहना है कि भाजपा के बढ़ते जनाधार से विरोधी दलों में खलबलाहट मची है। घटना के पीछे विरोधी पार्टियों का हाथ है।
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पार्टी विधायक ने भी किया विरोध

गोंडा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके महेश तिवारी का कहना है कि वह कीर्तिवर्धन सिंह को टिकट दिए जाने का विरोध करते हैं।

कीर्तिवर्धन सिंह का राजघराना हमेशा भाजपा विरोधी रहा है। उधर, पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का कहना है कि वह पार्टी के कार्यकर्ता हैं।

पार्टी नेतृत्व जो निर्णय लेगी, वह उन्हें मान्य है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कुछ कार्यकर्ताओं में इस निर्णय से मायूसी हो।
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