लखनऊ। हाल ही में गोंडा में अपनी राष्ट्रकथा के दौरान मनुस्मृति पर दिए गए बयान से चर्चा में आए ऋतेश्वर महाराज ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों और ग्रंथों में पैसे देकर बदलाव कराए गए। इस कारण हमें नए बदलाव की जरूरत है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के उमा हरिकृष्ण अवस्थी सभागार में शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि राष्ट्रकथा में हमने मनु स्मृति के विषय में बोला तो एक गैंग हमारे विरोध में लग गया। आप मनु स्मृति के विरोध में हैं जबकि हिंदुओं को यह समझना होगा कि हमारे शास्त्र पूर्ण रूप से शुद्ध नही हैं। विलियम्स नाम के एक अंग्रेज ने एक-एक श्लोक में बदलाव के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। संस्कृत में एक विसर्ग और हलंत बदल गया तो पूरा अर्थ बदल जाता है।
हमारे ग्रंथों को दूषित कर दिया गया इसलिए हमें इन्हें दोबारा सही करना है। ऐसा करने पर कुछ संकीर्ण हिंदू चिल्लाने लगते हैं तो दूसरे लोग विरोध पर उतारू हो जाते हैं। हमको सर्वग्राही बनना होगा। संविधान हो या धर्म हो। आधुनिक युग के अनुसार अगर कोई परिवर्तन संभव है तो उसे करने में इतना हंगामा क्यों है? हिंदुत्व जीवन जीने की पद्धति है और यही मानवीय धर्म है।
उन्होंने आधुनिक शिक्षा पद्धति को भी गुमराह करने वाला बताया। वह कथा वाचक नहीं हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के आग्रह पर युवाओं को उनके स्व का बोध कराने के लिए निशुल्क राष्ट्रकथा की। इस दौरान प्रांत प्रचारक कौशल, विभाग प्रचारक अनिल, विधायक नीरज बोरा, विधायक प्रतीक भूषण सिंह, प्रशांत भाटिया, बृजनंदन राजू आदि मौजूद रहे।
ऋतेश्वर महाराज
ऋतेश्वर महाराज