मंत्रिमंडल फेरबदल में भाजपा के मौजूदा प्रदेश पदाधिकारियों में कम से कम चार चेहरों के शामिल होने की प्रबल संभावनाएं बताई जा रही हैं। ऐसा होने पर संगठन में चार पद खाली हो जाएंगे। ऐसे में इनके स्थान पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति करनी ही होगी।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले कुछ लोगों को तरक्की देकर इन स्थानों पर बैठाया जा सकता है। कुछ प्रदेश मंत्रियों को तरक्की देकर उपाध्यक्ष या महामंत्री बनाया जा सकता है।
संगठनात्मक फेरबदल का अभी कोई समय तय नहीं है, पर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद इसके होने के आसार हैं। कारण, तब तक प्रदेश मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का काम पूरा हो जाएगा। साथ ही उपचुनाव वाली विधानसभा सीटों पर बतौर प्रभारी तैनात किए गए प्रदेश पदाधिकारी भी चुनावी जिम्मेदारी से फुरसत पा जाएंगे।