सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की ओर से बनने वाली मस्जिद की अंदरूनी डिजाइन में कुछ बदलाव किया जाएगा। इसमें सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ भवन की साइड में कुछ परिवर्तन किए जाएंगे। इस बीच नींव की खुदाई के लिए भेजे गए मिट्टी के सभी नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसी सप्ताह इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन मस्जिद का नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा कर सकता है।
इंडो इस्लामिक कल्चरल फांउडेशन ने 26 जनवरी को धन्नीपुर में पौधरोपण कर नींव के लिए सांकेतिक खुदाई की थी। इसी दिन नींव की खुदाई के लिए लखनऊ की एक कंपनी ने मिट्टी के सैंपल तीन स्थानों से लिए थे। अब स्वायल टेस्टिंग की रिपोर्ट आ गई है। उधर फाउंडेशन के सदस्यों ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह से मुलाकात भी की है। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण के सामने पांच एकड़ में प्रस्तावित तीनों बिल्डिंगों हॉस्पिटल, इस्लामिक कल्चरल सेंटर व मस्जिद का डिजाइन पेश किया था। इस पर विकास प्राधिकरण ने अंदर की सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ बिल्डिंग के अंदरूनी स्वरूप में परिवर्तन करने को कहा था। साथ ही भूमि का प्रकार बदलने का सुझाव दिया था।
इसके उपरांत फाउंडेशन ने अपने डिजाइन में परिवर्तन शुरू कर दिया है। ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि डिजाइन तैयार करने वाली कंपनी को निर्देश दे दिए गए हैं। दो से तीन दिन में नया नक्शा मिल जाएगा। इसके बाद इसी सप्ताह के अंत तक पांच एकड़ पर निर्माण के लिए नक्शा दाखिल कर दिया जाएगा। नक्शा पास होने के बाद मस्जिद समेत तीनों इमारतें बनाने का कार्य शुरू होगा।
कैप्टन अफजाल अहमद बने धन्नीपुर मस्जिद के ट्रस्टी
जिले के सोहावल तहसील के धन्नीपुर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दी गई पांच एकड़ भूमि पर बनने वाली मस्जिद व अन्य निर्माण कार्य के लिए गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने अब अयोध्या के कैप्टन अफजाल अहमद खां को ट्रस्टी बनाया है। ट्रस्ट से सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि अयोध्या में बनने वाली मस्जिद के ट्रस्ट में अब तक कोई भी व्यक्ति अयोध्या का नहीं था जबकि मस्जिद का निर्माण अयोध्या में हो रहा है। इसके दृष्टिगत ट्रस्ट ने अयोध्या के मुस्लिम समुदाय में गहरी पैठ रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता व राष्ट्रपति रत्न से सम्मानित कैप्टन अफजाल अहमद खां को ट्रस्टी बनाया है। इससे मस्जिद बनाने में तो मदद मिलेगी ही साथ ही अयोध्या की नुमाइंदगी भी होगी।