मंदिर में प्रवेश और मूर्ति स्पर्श भी वर्जित
एसएस नागपाल के अनुसार, सूतक लग जाने पर मंदिर में प्रवेश करना मूर्ति को स्पर्श करना, भोजन करना, यात्रा आदि करना वर्जित है। बच्चे, वृद्ध और रोगी अति आवश्यक होने पर भोजन ले सकते हैं। भोजन सामग्री जैसे दूध, दही, घी इत्यादि में कुश या तुलसी का पत्ता रख देना चाहिए। ग्रहण मोक्ष के बाद पीने का पानी ताजा ले लेना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं पेट पर गाय के गोबर का पतला लेप लगा सकती हैं। ग्रहण अवधि में गर्भवती महिलाओं को नुकीली या धारदार वस्तुओं जैसे सुई, चाकू, कैंची आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इनका उपयोग गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। कुछ आध्यात्मिक उपाय भी इस समय लाभकारी माने जाते हैं। ग्रहण के दौरान ओम नमः शिवाय या इष्ट देव का स्मरण, मंत्र जप और विशेष रूप से चंद्र से संबंधित मंत्रों का उच्चारण सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।
चंद्रग्रहण पर इन राशियों को रखनी चाहिए सावधानी
कर्क - चंद्रग्रहण कर्क राशि से दूसरे भाव में लगेगा। दूसरा भाव धन और कुटुंब का कारक माना जाता है। घर के लोगों के साथ वाद-विवाद मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। धन का लेन-देन करते समय सतर्क रहें वरना आर्थिक हानि हो सकती है। वाणी का इस्तेमाल सोच समझकर करना होगा।
सिंह - चंद्रग्रहण सिंह राशि में लगेगा। यह ग्रहण आपको मानसिक उलझनों में डाल सकता है। जीवनसाथी के साथ अनबन, तनाव और मानसिक अशांति का कारण बन सकती है। आर्थिक नुकसान हो सकता है। संतान की सेहत का ख्याल भी रखना होगा।
कन्या - द्वादश भाव में चंद्र ग्रहण लगेगा। इस ग्रहण के दौरान आपको सेहत को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। व्यय अधिक हो सकता है।
मीन राशि -चंद्रग्रहण छठे भाव में लगेगा जो कि शत्रुओं का भाव कहा जाता है। शत्रुओं की संख्या बढ़ा सकता है। उधार लेन-देन न करें, आर्थिक रूप से कमजोर हो सकते हैं।