लविवि प्रशासन ने बार-बार हंगामे और उपद्रव की घटनाओं से तंग आकर बुधवार को सेंट्रल मेस बंद करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह ने सेंट्रल मेस में हंगामा, उपद्रव और बवाल के आरोप में 18 छात्रों के खिलाफ हसनगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में जिन आरोपियों के नाम हैं वह पूर्व में हुई सभी घटनाओं में शामिल रहे हैं। वहीं, विद्यार्थियों का आरोप है कि विवि प्रशासन ने दुर्भावना से ग्रसित होकर उनके नाम डाले हैं, जबकि वे लोग मौके पर नहीं थे।
राज्यपाल राम नाईक ने 14 अगस्त को विश्वविद्यालय की सेंट्रल मेस का उद्घाटन किया था। इसके अगले दिन से मेस विधिवत शुरू हो गई थी।
इसके बाद से आए दिन यहां हंगामा होने लगा। पहली बड़ी घटना 31 अगस्त को हुई थी। जब कुछ उपद्रवियों ने मेस में लगी बायोमीट्रिक मशीन तोड़ दी। इसके बाद मेस संचालक ने खाना बनाने से इंकार कर दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद जब मेस संचालक भोजन बनाने के लिए तैयार हुआ तो दो दिन बाद फिर हंगामा हो गया। तीन सितंबर को कुछ उपद्रवी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) तक उठा ले गए।