स्मार्ट सिटी चुनने के लिए हफ्तों चली माथापच्ची के बाद भी 13वें शहर को लेकर मामला फंस गया है। यूपी के 12 शहरों को अंकों के आधार पर तो साफ तौर पर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए चयन कर लिया गया है, लेकिन 13वें शहर को लेकर रायबरेली और मेरठ के बीच पेंच फंसा हुआ है। इन दोनों शहरों को 75-75 अंक मिले हैं।
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र होने के चलते रायबरेली ए और मेरठ को बी श्रेणी में रखते हुए केंद्र के शहरी विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मेरठ में भाजपा का मेयर है और केंद्र में भाजपा की सरकार है। गेंद अब केंद्र के पाले में है और वही तय करेगा कि कौन से शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाए।
केंद्र सरकार शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना चाहती है, जिससे लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। इसके लिए स्मार्ट सिटी परियोजना शुरू की गई है। इस योजना के लिए यूपी के 13 शहरों को शामिल किया जाना है। स्मार्ट सिटी में सही शहर आएंगे जो केंद्रीय मानक पर खरे उतरेंगे।