प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत मिशन अब तेजी से रफ्तार पकड़ेगा। इसके अंतर्गत निर्मल भारत अभियान में बनने वाले शौचालयों से मनरेगा की हिस्सेदारी खत्म कर दी गई है। मनरेगा की वजह से सूबे में तेजी से शौचालय नहीं बन पा रहे थे। केंद्र ने शौचालय की लागत भी 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दी है।
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हर घर के साथ स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय बनाने का लक्ष्य है। यह काम निर्मल भारत अभियान के तहत चल रहा है। शौचालय बनाने के लिए फिलहाल चार स्तर से बजट का बंदोबस्त हो रहा था।
कुल 10 हजार रुपये में 3200 रुपये केंद्र, 1400 रुपये प्रदेश सरकार, 900 रुपये लाभार्थी और 4500 रुपये मनरेगा से मिलते थे। सूबे में अभियान का निर्देशन कर रहे पंचायतीराज विभाग की शुरू से ही शिकायत रही है कि मनरेगा के हिस्से की रकम समय से नहीं मिल पाती। इस वजह से तेजी से शौचालय नहीं बन पा रहे हैं।
प्रदेश के अफसरों ने केंद्र के सामने यह मामला कई बार उठाया था। इसी तरह महंगाई के हिसाब से शौचालय की लागत बढ़ाने की मांग की जा रही थी।