केंद्र सरकार ने ग्राम पंचायत चुनाव में निर्वाचित होने वाले प्रधानों के लिए खजाना खोल दिया है। चुनाव संपन्न होने के पहले ही 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के हिसाब से पहली किस्त में 1931 करोड़ रुपये दे दिए हैं। नए प्रधान चुनाव जीतकर आएंगे तो उन्हें अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए खजाना भरा मिलेगा।
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पंचायतीराज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत पहली बार सिर्फ ग्राम पंचायतों को ही वित्तीय अनुदान देने का नियम बनाया है। पहले, इससे आने वाली रकम ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों में बंट जाती थी। यही नहीं, केंद्र ने ग्राम पंचायतों को हर साल दिए जाने वाले अनुदान को भी लगभग साढ़े तीन गुना बढ़ा दिया है।
केंद्र सरकार ने 14वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अंतर्गत सूबे की ग्राम पंचायतों में 2015-16 के लिए तय बुनियादी अनुदान के रूप में 2332.41 करोड़ का प्रावधान किया है।
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विशेष सचिव पंचायतीराज महेंद्र कुमार ने इसमें से पहली किस्त के रूप में 1931.30 करोड़ रुपये निदेशक पंचायतीराज को उपलब्ध करा दिया है। अब निदेशकपंचायतीराज उदयवीर सिंह यादव यह रकम ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराएंगे। निदेशक ने बताया के ग्राम पंचायतों के खाते में रकम भेजने की कार्यवाही की जा रही है।
मालामाल हुईं ग्राम पंचायतें
चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुति पर केंद्र सरकार ने वर्ष 2015-20 की अवधि के लिए 35776.56 करोड़ रुपये की संस्तुति की है। यह 13वें वित्त आयोग की ओर से पांच वर्ष के लिए की गई संस्तुति 9787 करोड़ से साढ़े तीन गुना से भी ज्यादा है।
ग्राम पंचायतों के मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। लिहाजा केंद्र से मिले इस रकम से विकास संबंधी कार्य नए प्रधान ही करा पाएंगे। फिलहाल ग्राम प्रधानों के काम प्रशासक के रूप में सहायक ग्राम विकास अधिकारी (पंचायत) देख रहे हैं। पर, चुनाव आचार संहिता की वजह से प्रशासक कोई नया काम नहीं करा सकते हैं।
अवध के किस जिले को कितना मिला सीतापुर--43,84,05,100 फैजाबाद--25,95,66,720 अंबेडकरनगर--24,87,51,440 सुल्तानपुर--26,43,94,970 बाराबंकी--33,58,53,070