केंद्र से आवंटित बिजली के कोटे में और कमी हो जाने से प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई है।
हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि गांवों को बमुश्किल साढ़े तीन घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। वहीं शहरों में 10 घंटे से ज्यादा आपात कटौती की जा रही है।
केंद्र पहले ही 2500 मेगावाट बिजली कम दे रहा था जिसमें शुक्रवार को 600 मेगावाट की और कमी कर दी। इससे बिजली व्यवस्था पटरी से उतरने की आशंका गहरा गई है।
हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने शुक्रवार को एनर्जी एक्सचेंज से अब तक की सर्वाधिक करीब 17 करोड़ रुपये की 39 मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ी। आपूर्ति का शिड्यूल पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
5.50 लाख टन कोयला आयात करने की अनुमति दी
वहीं, राज्य सरकार ने कोयले की कमी से प्रभावित हो रहे बिजली उत्पादन के मद्देनजर निजी उत्पादकों को खुले बाजार से कोयला खरीदने और बाहर से आयात करने की अनुमति दे दी।
रिलायंस की रोजा परियोजना के लिए 5.50 लाख टन कोयला आयात करने की अनुमति दी गई है जबकि बजाज हिंदुस्तान को खुले बाजार से कोयला खरीदने को हरी झंडी दी गई है। साथ ही राज्य सरकार केंद्रीय सेक्टर की बंद इकाइयों को चलवाने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने में भी जुटी है।
केंद्रीय कोटे की पूरी बिजली न मिलने की वजह से प्रदेश में बिजली संकट गहरा गया है। इससे निपटने के लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को आपात बैठक बुलाई।
हुई बिजली की रिकॉर्ड खरीदारी
बैठक में पावर कॉर्पोरेशन व राज्य विद्युत निगम के अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान एनर्जी एक्सचेंज से ज्यादा से ज्यादा बिजली खरीदने का फैसला किया गया ताकि लोगों को शिड्यूल के मुताबिक आपूर्ति की जा सके।
बैठक में पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अग्रवाल ने एनटीपीसी की परियोजनाओं से पर्याप्त बिजली न मिलने को लेकर कंपनी के अधिशासी निदेशक से बातचीत की।
एनटीपीसी के अधिशासी निदेशक ने बताया कि कोयले की आपूर्ति को लेकर कुछ समस्याएं हैं जिसे दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही स्थिति समान्य होने की उम्मीद है।
एनर्जी एक्सचेंज से एक दिन में हुई रिकॉर्ड खरीदारी
पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने बताया कि एनर्जी एक्सचेंज से अब तक की सर्वाधिक 44.40 मिलियन यूनिट बिजली खरीदने के लिए बोली लगाई गई। एक्सचेंज से 17 करोड़ रुपये की 39 मिलियन यूनिट बिजली मिल भी गई। इससे पहले एक दिन में इतनी बिजली खुलेे बाजार से कभी नहीं खरीदी गई थी।