सूबे में हर साल 50 नए आयुर्वेद अस्पताल खोले जाएंगे। केंद्र से मिले निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने का एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। सरकार ने 2017 से 2020 तक के लिए प्लान तैयार कर केंद्र भेजा है।
इसमें पंचकर्म व क्षार-सूत्र जैसी विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों को अपग्रेड करने के साथ ही सूबे में एक जड़ी-बूटी शोध संस्थान भी खोलेगी।
आयुष विभाग की ओर से तैयार एक्शन प्लान के अनुसार प्रदेश में चल रहे आठ राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) के मानकों को पूरा करने की वकालत की गई है। साथ ही इन महाविद्यालयों में स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने तथा प्रत्येक विषय में परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने की बात भी कही गई है।
एक्शन प्लान के तहत सूबे के 15 से 25 बेड वाले सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचकर्म व क्षार-सूत्र जैसी विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इस चिकित्सा पद्धति को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए सूबे में एक राजकीय पंचकर्म प्रशिक्षण संस्था स्थापित करने तथा राजकीय स्तर पर नर्सिंग व फार्मेसी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की बात कही गई है।