निदेशालय की ओर से दिए गए आदेश के मुताबिक मौत के आंकड़े में श्मशान में जलाए गए और कब्रिस्तानों में दफनाए गए शवों का ब्योरा शामिल किया जाएगा। डाटा में दोनों साल के इन तीन महीनों में हुई मौतों की संख्या और कारण का भी उल्लेख करना होगा। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
शासन के निर्देश पर नगर निकायों को पहले चरण में इस साल और पिछले साल इसी अवधि में हुई मौतों की अलग-अलग जानकारी देनी होगी। इसी प्रकार इनमें से कोरोना के अलावा अन्य कारणों से हुई मौतों का भी अलग-अलग ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।