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छह दिन से स्कूल में लगा था ताला, शिक्षकों ने सड़क पर लगा दी क्लास तब जागे अफसर, लखनऊ के सेंटीनियल कॉलेज का मामला

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लखनऊ। सेंटीनियल हायर सेकेंड्री स्कूल का विवाद जब सड़क पर आ गया और शिक्षकों ने गेट के बाहर ही क्लास लगा दी तो शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की नींद टूटी। अधिकारी आनन-फानन मौके पर पहुंचे और प्रकरण के संबंध में जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने तीन घंटे से ज्यादा समय तक दोनों पक्षों से बात की।
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दोपहर करीब 12 बजे के बाद डीआईओएस राकेश कुमार पांडेय, बीएसए विजय प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रज्ञा त्रिपाठी और एसीपी कैसरबाग योगेश कुमार सेंटीनियल हायर सेकेंड्री स्कूल पहुंचे। मामले को लेकर मौजूद प्रपत्रों की जांच के साथ दोनों पक्षों से पूछताछ की। वहीं, उस स्थान को भी देखा जहां टिन शेड लगाकर सेंटीनियल को शिफ्ट कर दिया गया था। अधिकारियों ने करीब तीन घंटे से ज्यादा यहां पर पूछताछ की और स्थल का जायजा लिया।
गलत तरीके से दी गई मान्यता
डीआईओएस ने बताया कि प्रथम दृष्टया यही लग रहा है कि मेथोडिस्ट चर्च स्कूल को गलत तरीके से मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि सेंटीनियल स्कूल यूपी बोर्ड से सहायता प्राप्त है, ऐसे में पुराना भवन यूपी बोर्ड के एक्ट 1921 के अनुसार बोर्ड के अधीन है। जिस भवन में यूपी बोर्ड ने स्कूल चलाने की मान्यता दी है, उसमें निजी स्कूल को मान्यता नहीं दी जा सकती। ऐसे में स्पष्ट है कि सेंटीनियल के शिक्षकों व छात्रों को नियम विरुद्ध परिसर से बाहर किया गया है और मेथोडिस्ट स्कूल को गलत तरीके से मान्यता लेकर संचालित किया जा रहा है। मेथोडिस्ट को कक्षा एक से आठ तक के लिए बेसिक की मान्यता दी गई है। उन्होंने बताया कि एडी बेसिक और बीएसए द्वारा निजी स्कूल की मान्यता खत्म करने की कार्यवाही नियमानुसार की जा रही है।
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आज से अपने भवन में चलेगा सेंटीनियल
सेंटीनियल हायर सेकेंड्री स्कूल शुक्रवार से फिर से अपने पुराने भवन में चलेगा। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि स्कूल के प्रबंधतंत्र का जो भी विवाद है, उसका हल निकाला जाएगा। फिलहाल, छात्र हित में स्कूल खुलना आवश्यक है। एसीपी कैसरबाग को निर्देशित किया गया है कि वे स्कूल पर आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था करें। शुक्रवार से पुराने भवन में ही शिक्षकों व छात्रों को प्रवेश दिलाकर कक्षाएं चलाई जाएंगी। हालांकि, इसके बाद एक और विवाद खड़ा होता दिख रहा है कि जो छात्र मेथोडिस्ट में प्रवेश ले चुके हैं, उनका क्या होगा।
तत्कालीन एडी बेसिक व बीएसए पर कार्रवाई की मांग
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को जेडी सुरेंद्र कुमार तिवारी और महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद से मुलाकात कर तत्कालीन एडी बेसिक और बीएसए पर कार्रवाई की मांग की। प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर निजी स्कूल को मान्यता दी गई है। इसी से यह विवाद उपजा है।
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