नमामि गंगे योजना के तहत कानपुर में 1000 करोड़ और वाराणसी में 2100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इलाहाबाद में गंगा को साफ करने के लिए तकरीबन 1700 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके तहत सीवर लाइन बिछाने, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण आदि काम हो रहे हैं।
सोमवार को यहां आईं केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा कायाकल्प मंत्री उमा भारती ने चार सौ करोड़ रुपये से अधिक की सीवेरज योजना की घोषणा की। उमा सोमवार को ही इसका शिलान्यास भी करना चाहती थीं।
लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से इसके लिए तैयारी न होने के कारण वह योजना की घोषणा करके ही लौट गई। उन्होंने कहा कि केंद्र में इसके लिए रकम स्वीकृत कर दी है। अब प्रदेश सरकार किसी भी दिन इसका शिलान्यास कर सकती है।